बिहार के अस्पताल में लापरवाही की हद, करंट से झुलसे मरीज का ‘इलाज’ चप्पल से

बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में घायल मरीज को इलाज न मिलने पर परिजनों ने चप्पल से मालिश की, जिसका वीडियो वायरल हो गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

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BNT Desk: बिहार के सहरसा जिले के सदर अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने राज्य की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां बिजली का करंट लगने से घायल युवक मंजीत कुमार को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक न तो डॉक्टर उपलब्ध हुए और न ही किसी नर्स या स्वास्थ्यकर्मी ने मरीज की सुध ली। इलाज न मिलने की स्थिति में परिजन बेबस हो गए और दर्द से कराह रहे मरीज को राहत देने के लिए चप्पल से उसके शरीर की मालिश करने लगे।

वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

अस्पताल परिसर में हुई इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा है और उसका इलाज चिकित्सकीय तरीके से नहीं, बल्कि चप्पल से मालिश कर किया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि अस्पताल में लापरवाही की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, अव्यवस्था और संवेदनहीनता को उजागर कर दिया है। गंभीर हालत में पहुंचे मरीज को समय पर प्राथमिक उपचार तक न मिल पाना बेहद चिंताजनक है। लोगों का कहना है कि मजबूरी में परिजनों को ऐसे गैर-वैज्ञानिक तरीकों का सहारा लेना पड़ा, जो खुद मरीज के लिए खतरनाक हो सकता था। यह मामला बताता है कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं कितनी कमजोर स्थिति में हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के आदेश

मामले के तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। सिविल सर्जन रतन झा ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है और पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच बोर्ड गठित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि केवल जांच ही नहीं, बल्कि अस्पताल व्यवस्था में ठोस सुधार भी किया जाए।

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