BNT Desk: बिहार के रोहतास और कैमूर जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण पुल अचानक धंस जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। हैरानी की बात यह है कि यह पुल अभी पांच साल भी पूरा नहीं कर सका, जबकि इसे हाल ही में करोड़ों रुपये की लागत से बनाया गया था। पुल के धंसने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आवागमन बाधित, ग्रामीण इलाकों पर सीधा असर
यह पुल दोनों जिलों के बीच ग्रामीण और व्यावसायिक आवागमन का अहम जरिया था। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आने-जाने वाले लोगों को लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल की हालत पहले से ही खराब थी, लेकिन समय रहते मरम्मत नहीं की गई।
निर्माण गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल
पुल के धंसने की घटना ने एक बार फिर बिहार में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का आरोप है कि पुल निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच की तैयारी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल पुल से यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है और तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने का भी दावा किया गया है।