BNT Desk: राजधानी बिहार के संजय गांधी जैविक उद्यान, जिसे आमतौर पर पटना जू कहा जाता है, में टॉय ट्रेन के दोबारा संचालन का प्रस्ताव राज्य कैबिनेट को भेजा गया है। यह पहल जू को और अधिक पर्यटकों के अनुकूल बनाने और बच्चों व परिवारों के लिए मनोरंजन का नया माध्यम उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि टॉय ट्रेन की वापसी से जू की यात्रा और अधिक सुविधाजनक और आकर्षक हो जाएगी।
ईको-फ्रेंडली और तकनीकी विवरण
प्रस्तावित टॉय ट्रेन बैटरी से संचालित होगी और पूरी तरह ईको-फ्रेंडली तकनीक पर आधारित होगी। यह ट्रेन लगभग 3.7 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर चलेगी और इसके निर्माण की अनुमानित लागत 5.81 करोड़ रुपये रखी गई है। टॉय ट्रेन जू के विभिन्न सेक्शनों को आपस में जोड़ते हुए पर्यटकों को आरामदायक सफर का अनुभव प्रदान करेगी। अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन का डिजाइन और संचालन पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा, ताकि जू की प्राकृतिक सुंदरता और जानवरों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
पर्यटकों और बच्चों के लिए बढ़ेगा आकर्षण
इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों और बच्चों के लिए जू की यात्रा को और रोचक बनाना है। टॉय ट्रेन की मदद से परिवार और छोटे बच्चे जू के दूर-दराज हिस्सों तक बिना थके पहुंच सकेंगे। जू प्रशासन का मानना है कि यह कदम न केवल बच्चों के लिए मनोरंजन बढ़ाएगा बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि करेगा। इससे पटना जू पर्यटन और शिक्षा दोनों के लिहाज से आकर्षक स्थल बन जाएगा।
कैबिनेट अनुमोदन और आगे की योजना
राज्य कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य और संचालन प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि ट्रेन के संचालन के दौरान पर्यटक सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखा जाएगा। यह योजना पटना जू को एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।