मुजफ्फरपुर जिले के मिठनपुरा थाना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक पुलिसकर्मी का रिश्वत मांगने का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल ऑडियो में उस पुलिसकर्मी को बाइक को छोड़ने के बदले ₹5,000 रिश्वत की मांग करते हुए सुना जा सकता है, जिससे प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जनता के बीच यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर अपनी नाराज़गी जताने लगे हैं।
ऑडियो में दारोगा की स्पष्ट बातचीत
वायरल ऑडियो क्लिप में आरोपित पुलिसकर्मी — मिठनपुरा थाना का दारोगा सुभाष राम — और एक व्यक्ति के बीच बातचीत रिकॉर्ड हुई है। बातचीत में दारोगा स्पष्ट रूप से कहता सुना जाता है कि वह बाइक को तभी छोड़ेगा जब व्यक्ति ₹5,000 देगा, और यह पैसे “बड़े बाबू” को देने होंगे, तभी काम पूरा होगा। इसमें पिछले लेन‑देन का भी जिक्र है, जिससे यह आरोप और भी गंभीर प्रतीत होते हैं। मामले की गंभीरता से निपटने के लिए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी हड़कंप में हैं।
पुलिस जांच और कार्रवाई
ऑडियो वायरल होने के तुरंत बाद, टाउन डीएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ऑडियो की सत्यता पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है कि आरोपी दारोगा को निलंबित किया गया है या FIR दर्ज की गई है, लेकिन जांच तेज़ी से जारी है।
पुलिस की छवि पर गंभीर प्रभाव
इस घटना ने प्रदेश में पुलिस की छवि और सुशासन पर गहरा असर डाला है। आम लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर कानून लागू करने वाले स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, तो जनता न्याय और सुरक्षा के लिए किसके पास जाएगी। इस वायरल ऑडियो क्लिप ने बिहार पुलिस के “जीरो टॉलरेंस” के दावों को चुनौती दी है और सरकार से भी भ्रष्टाचार विरोधी कदम उठाने की मांग तेज़ कर दी है।