BNT Desk: केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की टर्म्स ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि अब सरकार सैलरी, भत्तों और पेंशन की व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करेगी। यह फैसला महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच काफी अहम माना जा रहा है।
कब तक लागू हो सकता है नया वेतन आयोग
सरकारी हलकों के मुताबिक, वेतन आयोग बनने के बाद उसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने लग सकते हैं। इसके बाद सरकार को रिपोर्ट पर विचार कर उसे मंजूरी देने और अधिसूचना जारी करने में 3 से 6 महीने का समय और लगेगा। इस हिसाब से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में लागू हो सकती हैं।
पिछला अनुभव क्या कहता है
हालांकि, पिछले वेतन आयोगों का अनुभव कुछ राहत देता है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें जुलाई 2016 में लागू हुई थीं, लेकिन उन्हें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी माना गया था। कर्मचारियों को एरियर भी दिया गया था। इसी आधार पर उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें भी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं।
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा
इस बार सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नया फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है। अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो यह बढ़कर 32,940 रुपये से लेकर 44,280 रुपये तक हो सकती है।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी
फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों की कुल सैलरी में हर महीने करीब 11 से 12 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।