पुतिन की भारत यात्रा: 25 साल की साझेदारी में नया अध्याय

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत पहुंचेंगे। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। पीएम नरेंद्र मोदी शाम को उनके सम्मान में निजी डिनर की मेजबानी करेंगे। दोनों देशों के बीच 9 बड़े समझौतों की उम्मीद है, जिनमें S-400 और S-500 मिसाइल सिस्टम शामिल हो सकते हैं।

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BNT Desk: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज भारत दौरे पर रवाना हो गए हैं। यूक्रेन जंग के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। आज शाम करीब 6:30 बजे वे भारत पहुँचेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके सम्मान में एक प्राइवेट डिनर का आयोजन करेंगे। पुतिन भारत में लगभग 30 घंटे तक रहेंगे। यह दौरा विशेष इसलिए भी है क्योंकि इस साल भारत-रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो रहे हैं — जिसे अक्टूबर 2000 में रुसी राष्ट्रपति पुतिन और उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मिलकर शुरू किया था।

दोनों देशों के पुरे हुए 25 साल

भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी 2000 में तय हुई थी। तब से दोनों देशों ने अलग-अलग क्षेत्रों — रक्षा, ऊर्जा, विज्ञान, अंतरिक्ष आदि — में सहयोग बढ़ायाअब 25 साल पूरे होने के अवसर पर यह दौरा सिर्फ सम्मान का नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच नई शुरुआत की संभावना लेकर आ रहा है।

नए समझौतों की संभावना

सूत्रों की मानें तो आज और कल के बीच 9 अहम समझौतों पर दस्तखत हो सकते हैं। सबसे चर्चा यह है कि भारत रूस से और S-400 व S-500 मिसाइल सिस्टम खरीदने की डील कर सकता है। S-400 मिसाइल सिस्टम पिछले कुछ समय में भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ है — ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने पाकिस्तानी लड़ाकू जेट्स को मार गिराया था। यदि S-500 अपडेट वर्जन के साथ नया समझौता होता है, तो यह भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बना देगा।

भारत-रूस संबंधों में नई दिशा?

इस दौरे का मतलब केवल पुरानी दोस्ती को याद करना ही नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत साझेदारी को आकार देना है। चाहे रक्षा सहयोग हो, ऊर्जा क्षेत्र हो या अंतरराष्ट्रीय राजनीति — यह दौरा आने वाले समय के लिए दिशा तय कर सकता है। पुतिन का दौरा और उन पर आधारित समझौतों की झड़ी, भारत-रूस संबंधों को अगले 25 साल के लिए नया रूप दे सकती है।

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