BNT Desk: किशनगंज, बिहार: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बिहार में एक और ‘रिश्वतखोर’ सरकारी कर्मचारी रंगे हाथों पकड़ा गया है। मंगलवार को किशनगंज में जमीन से जुड़े एक काम के बदले ₹2.5 लाख की रिश्वत लेते हुए एक राजस्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी पटना से आई निगरानी विभाग की टीम ने की, जिससे सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।
जमीन के ‘परिमार्जन’ के लिए मांगी थी मोटी रकम
गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान राजदीप पासवान के रूप में हुई है, जो किशनगंज नगर परिषद क्षेत्र में राजस्व कर्मचारी के पद पर तैनात था। राजदीप पासवान ने जमीन के ‘परिमार्जन’ के काम के लिए एक पीड़ित से ₹2 लाख 70 हजार की मोटी रकम मांगी थी। डील ₹2.5 लाख में तय हुई, लेकिन उसे पता नहीं था कि यह सौदा उसे सीधा जेल पहुंचा देगा। निगरानी विभाग ने उसे शहर के अभिषेक होटल के पास उस वक्त पकड़ा, जब वह रिश्वत की रकम ले रहा था।
पीड़ित ने की थी शिकायत, फिर हुई कार्रवाई
दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत खगड़ा वार्ड संख्या 22 के निवासी ओवेस अंसारी की शिकायत से हुई। ओवेस अंसारी ने 30 नवंबर को ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जमीन के सुधार (परिमार्जन) के लिए उनसे रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पहले मामले की पूरी जांच (सत्यापन) की। जब शिकायत सही पाई गई, तब पूरी योजना बनाकर यह कार्रवाई की गई।
पटना की टीम ने डीएसपी के नेतृत्व में पकड़ा
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए पटना से निगरानी विभाग की एक विशेष टीम किशनगंज पहुंची थी। यह टीम डीएसपी विनोद कुमार पांडे के नेतृत्व में आई थी। पूरी कार्रवाई सुबह के वक्त की गई। गिरफ्तारी के बाद राजदीप पासवान को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए ले जाया गया है। इस घटना से साफ है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अब लगातार सख्ती बरती जा रही है।