NEET–JEE अब 11वीं में बड़ा बदलाव आ सकता है !

सरकार एक नई प्रणाली पर विचार कर रही है जिसमें NEET, JEE और CUET जैसी परीक्षाएँ 11वीं में होंगी और 12वीं बोर्ड के अंक एडमिशन में शामिल होंगे। इसका लक्ष्य कोचिंग पर निर्भरता कम करना और स्कूल-आधारित तैयारी को मजबूत बनाना है।

BNT
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देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं — NEET, JEE Main और CUET — को लेकर शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। एक नई प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ये परीक्षाएँ अब केवल 12वीं के बाद नहीं, बल्कि कक्षा 11वीं के दौरान ही आयोजित की जा सकती हैं। इससे प्रवेश प्रक्रिया में स्कूल-स्टडी और कॉम्पिटिशन-तैयारी को एक साथ जोड़ने का रास्ता खुलता है।

यह भी विचार चल रहा है कि कॉलेज एडमिशन में 12वीं बोर्ड के अंक को भी अहम हिस्सा बनाया जाए, ताकि केवल एक दिन की परीक्षा छात्र के भविष्य का फैसला न करे। इस मॉडल का उद्देश्य छात्रों पर बढ़ते दबाव को कम करना और कोचिंग उद्योग पर निर्भरता घटाना है।

कई विशेषज्ञों का मानना है कि जब छात्र 11वीं में ही पहली बार परीक्षा देंगे, तो वे जल्दी समझ सकेंगे कि आगे किस दिशा में मेहनत करनी है। वहीं 12वीं में बोर्ड प्रेशर के साथ प्रतियोगी परीक्षा का अतिरिक्त तनाव भी कम हो सकता है।

इसके अलावा एक और सुझाव सामने आया है — कोचिंग क्लासों के घंटे सीमित करना, ताकि बच्चों की पढ़ाई का केंद्र स्कूल रहे, न कि लंबी कोचिंग सत्र। शिक्षा जगत का कहना है कि इससे छोटे शहरों के छात्रों को भी बराबर अवसर मिलेंगे और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

हालांकि, यह अब भी एक संभावित सुधार है, कोई अंतिम निर्णय नहीं। इसके लागू होने से पहले बोर्डों, स्कूलों और परीक्षा संचालक संस्थाओं के बीच तालमेल बनाना होगा। लेकिन इतना तय है—अगर ये मॉडल आया, तो आने वाले वर्षों में छात्रों की तैयारी, तनाव और सीखने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

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