BNT Desk: बिहार के गया जिले में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प, तोड़फोड़, बमबाजी और गोलीबारी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। चंदौती थाना क्षेत्र के बालदेव नगर में हुई इस घटना के सिलसिले में पुलिस अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, घटना 24 अक्टूबर 2026 को जमीन विवाद के दौरान हुई थी। दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में हिंसक हो गया। आरोप है कि बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे, निर्माण कार्य रोकने की कोशिश की और तोड़फोड़ की। इसी दौरान बमबाजी और गोलीबारी किए जाने की भी बात सामने आई। पुलिस ने घटनास्थल से दो सुतली बम बरामद किए थे। मामले में अब तक हुई गिरफ्तारियों के बाद पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
24 अक्टूबर को बालदेव नगर में भड़का था विवाद
जानकारी के मुताबिक, गया के चंदौती थाना क्षेत्र स्थित बालदेव नगर में 24 अक्टूबर को जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था। जमीन पर निर्माण कार्य को लेकर दोनों पक्षों में तनाव बढ़ने की बात सामने आई है। विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती स्तर पर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ समय बाद विवाद दोबारा बढ़ गया। आरोप है कि करीब 40 से 50 लोगों की भीड़ वहां पहुंची और निर्माण कार्य रोकने के साथ तोड़फोड़ की गई। इसके बाद इलाके में बमबाजी और गोलीबारी की घटना हुई, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई।
जमीन विवाद से जुड़े मामलों में अक्सर मालिकाना हक, कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर पक्षों के बीच तनाव पैदा होता है। लेकिन किसी भी विवाद का समाधान हिंसा के जरिए नहीं किया जा सकता। बालदेव नगर की घटना में भी पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, हिंसा में किन लोगों की भूमिका रही और घटना के दौरान क्या-क्या हुआ।
मौके से दो सुतली बम बरामद
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई की और वहां से दो सुतली बम बरामद किए। बमों की बरामदगी के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। पुलिस ने घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटाने और आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की।
बमबाजी और गोलीबारी के आरोपों के कारण पुलिस के लिए यह पता लगाना जरूरी है कि हिंसा के दौरान किन वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया और वे किन लोगों के पास थीं। इसके साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में गोलीबारी के दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने या जानमाल के नुकसान की विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच से घटना के वास्तविक स्वरूप और इसमें शामिल लोगों की भूमिका के बारे में अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन
बालदेव नगर में हुई हिंसक घटना के बाद गया के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। इस टीम को मामले की जांच करने, आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई। SIT ने जांच के दौरान नामजद आरोपियों की तलाश शुरू की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई। पुलिस की कार्रवाई के क्रम में अब तक नौ आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों में किसकी क्या भूमिका थी। केवल घटनास्थल पर मौजूद होने और हिंसा में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के बीच अंतर होता है। इसलिए जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की भूमिका निर्धारित करना महत्वपूर्ण होगा। SIT के गठन का उद्देश्य मामले की जांच को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और फरार आरोपियों तक पहुंचना है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कार्रवाई जारी है और अभी जांच पूरी नहीं हुई है।
एक आरोपी ने अदालत में किया आत्मसमर्पण
पुलिस कार्रवाई के बीच एक अन्य आरोपी ने 26 अक्टूबर को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस तरह मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा एक व्यक्ति के अदालत में सरेंडर करने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी के नाम और उसकी विस्तृत भूमिका का उल्लेख उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं किया गया है। इसलिए इस संबंध में अतिरिक्त विवरण उपलब्ध होने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आत्मसमर्पण के बाद संबंधित आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों और मामले के रिकॉर्ड के अनुसार चलेगी। वहीं, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
दो गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से दो को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश करती है। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार आगे की कार्रवाई होती है। मामले में नौ गिरफ्तारियों के बावजूद पुलिस की जांच अभी जारी है। पुलिस को यह पता लगाना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान क्या है और विवाद के दौरान किसने क्या भूमिका निभाई। साथ ही, बमबाजी और गोलीबारी से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है। यह मामला जमीन विवाद से शुरू होकर हिंसक घटना में बदलने का बताया जा रहा है। ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी होती है, ताकि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर हो। गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस नामजद आरोपियों के साथ-साथ घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस की कोशिश है कि हिंसा में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। इसके लिए जांच दल उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़ी जानकारियों के आधार पर आगे बढ़ रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।
पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे भ्रामक खबरों और अफवाहों पर भरोसा न करें। जमीन विवाद और हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में अपुष्ट जानकारी फैलने से तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस को जांच में सहयोग करने की अपेक्षा की गई है। बालदेव नगर की घटना में फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। नौ आरोपियों की गिरफ्तारी, एक आरोपी के आत्मसमर्पण और दो सुतली बमों की बरामदगी की जानकारी सामने आई है। वहीं, फरार आरोपियों की तलाश और घटना के पूरे घटनाक्रम की जांच अभी बाकी है। अब आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि जमीन विवाद किस वजह से बढ़ा, बमबाजी और गोलीबारी के आरोपों में किन लोगों की भूमिका थी और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।