BNT Desk: जापान के नागोया में चल रहे Asian Games में शुक्रवार का दिन भारत के लिए मिले-जुले नतीजों वाला रहा। शूटिंग में भारत को शानदार सफलता मिली और सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर भारत को प्रतियोगिता का दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं, बैडमिंटन में भारत की बड़ी उम्मीद मानी जा रही सात्विक साईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा।
शूटिंग में भारत को मिला दूसरा गोल्ड
एशियन गेम्स के छठे दिन भारत को दिन की शुरुआत में ही बड़ी कामयाबी मिली। सुबह करीब 9 बजे सुरुचि और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत के खाते में मौजूदा एशियन गेम्स का दूसरा गोल्ड मेडल आ गया। इससे पहले महिला क्रिकेट टीम ने भारत को प्रतियोगिता का पहला स्वर्ण पदक दिलाया था। सुरुचि और कमलजीत की जीत शूटिंग के लिहाज से भी खास रही। यह मौजूदा एशियन गेम्स में शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। भारतीय निशानेबाज प्रतियोगिता में अब तक कई पदक जीत चुके हैं और शूटिंग भारत के लिए मेडल दिलाने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रही है।
दो मिनट में भारत की झोली में आए दो मेडल
शुक्रवार की सुबह भारतीय शूटर्स ने बेहद कम समय के अंतराल में दो मेडल जीतकर भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया। पहले करीब 9 बजे 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड इवेंट में सुरुचि और कमलजीत ने गोल्ड जीता। इसके करीब दो मिनट बाद 9:02 बजे 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन इवेंट में भारत को सिल्वर मेडल मिला। यानी महज दो मिनट के भीतर भारत के खाते में दो पदक जुड़ गए। शूटिंग में भारत के प्रदर्शन की बात करें तो भारतीय निशानेबाज अब तक कुल 10 मेडल जीत चुके हैं। इनमें 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल हैं। इस प्रदर्शन से शूटिंग भारत के लिए पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले खेलों में बनी हुई है।
सात्विक-चिराग की जोड़ी पहले राउंड में बाहर
शूटिंग की इस सफलता के बीच बैडमिंटन से भारत के लिए निराशाजनक खबर आई। सात्विक साईराज रंकी रेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी एशियन गेम्स के पहले ही राउंड में हारकर बाहर हो गई। सात्विक और चिराग से इस प्रतियोगिता में काफी उम्मीदें थीं। पिछली बार एशियन गेम्स में इसी भारतीय जोड़ी ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास बनाया था। ऐसे में इस बार भी उनसे खिताब बचाने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन पहले राउंड में हार के साथ उनका अभियान जल्दी समाप्त हो गया। इससे बैडमिंटन में भारत की पुरुष डबल्स स्पर्धा से गोल्ड की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों टीम फाइनल में
बैडमिंटन में निराशा के बावजूद भारत के लिए कई खेलों से अच्छी खबरें भी आईं। पुरुष और महिला दोनों भारतीय कबड्डी टीमों ने फाइनल में जगह बना ली है। इससे भारत के पास दोनों वर्गों में गोल्ड मेडल जीतने का मौका है। कबड्डी को भारत के मजबूत खेलों में गिना जाता है और एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन हमेशा चर्चा में रहा है। दोनों टीमों के फाइनल में पहुंचने से भारत की पदक उम्मीदें और मजबूत हुई हैं। इसके अलावा स्क्वॉश और टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक पक्के कर लिए हैं। इन खेलों में आगे होने वाले मुकाबलों के आधार पर पदक का रंग तय होगा।
मेडल टैली में 12वें स्थान पर भारत
शूटिंग में मिले दो पदकों और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। भारत के खाते में अब तक कुल 19 मेडल हैं, जिनमें 2 गोल्ड शामिल हैं। भारत की पदक तालिका में शूटिंग का योगदान लगातार बढ़ रहा है। वहीं महिला क्रिकेट टीम के गोल्ड के बाद अब शूटिंग में भी भारत ने स्वर्ण पदक हासिल कर लिया है। आगे कबड्डी, स्क्वॉश, टेबल टेनिस और दूसरे खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के मुकाबले होने हैं। ऐसे में भारत की पदक संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद बनी हुई है।
अब नजर बाकी मुकाबलों पर
एशियन गेम्स के छठे दिन भारत को एक तरफ शूटिंग में गोल्ड और सिल्वर जैसे महत्वपूर्ण पदक मिले, तो दूसरी तरफ सात्विक-चिराग की हार ने बैडमिंटन प्रशंसकों को निराश किया। अब भारत की नजर कबड्डी के दोनों फाइनल समेत उन खेलों पर होगी, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने पदक पक्के कर लिए हैं। शूटिंग में सुरुचि और कमलजीत का गोल्ड भारत के लिए दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में रहा। वहीं सात्विक-चिराग की हार के बावजूद 19 पदकों के साथ भारत की पदक तालिका में स्थिति बनी हुई है। आगे होने वाले फाइनल और मेडल मुकाबले भारत के कुल पदकों की संख्या को और बढ़ा सकते हैं।