BNT Desk: केंद्रीय फिल्म प्रमाणन व्यवस्था से जुड़ी नई 18 सदस्यीय कमेटी में बिहार की मौजूदगी भी देखने को मिलेगी। अभिनेता पंकज त्रिपाठी और फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम को नई कमेटी में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों अगले तीन वर्षों तक फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभाएंगे। नई कमेटी में दोनों नामों के शामिल होने के बाद बिहार के फिल्म और कला जगत में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। पंकज त्रिपाठी फिल्म जगत में एक चर्चित अभिनेता के तौर पर सक्रिय हैं, जबकि विनोद अनुपम फिल्म लेखन और समीक्षा के क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।
18 सदस्यीय कमेटी में बिहार की मौजूदगी
नई सेंसर बोर्ड कमेटी में कुल 18 सदस्यों को शामिल किए जाने की जानकारी है। इसमें बिहार से पंकज त्रिपाठी और विनोद अनुपम के नाम शामिल हैं। दोनों की जिम्मेदारी फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत होगी। फिल्मों के प्रमाणन से संबंधित मामलों पर कमेटी के सदस्य अपनी भूमिका निभाएंगे।
पंकज त्रिपाठी को मिली जगह
अभिनेता पंकज त्रिपाठी को नई कमेटी में शामिल किया गया है। बिहार से आने वाले पंकज त्रिपाठी ने हिंदी सिनेमा में लंबे समय से काम किया है। फिल्मों में अलग-अलग तरह की भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले पंकज त्रिपाठी अब कमेटी के सदस्य के रूप में फिल्म प्रमाणन से जुड़े काम का हिस्सा होंगे। उनकी यह भूमिका अभिनय से अलग होगी और फिल्म प्रमाणन की निर्धारित प्रक्रिया से जुड़ी होगी।
विनोद अनुपम भी कमेटी में शामिल
फिल्म लेखन और समीक्षा से जुड़े विनोद अनुपम को भी नई 18 सदस्यीय कमेटी में जगह मिली है। फिल्मों और सिनेमा से जुड़े उनके अनुभव का इस्तेमाल कमेटी के काम में किया जा सकेगा। वह भी अगले तीन वर्षों तक कमेटी के सदस्य के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
तीन साल तक रहेगी जिम्मेदारी
नई कमेटी की जिम्मेदारी तीन साल की अवधि के लिए बताई गई है। इस दौरान कमेटी फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में अपनी भूमिका निभाएगी। फिल्म प्रमाणन की प्रक्रिया में फिल्मों की सामग्री को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार देखा जाता है। कमेटी के सदस्य इसी प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं।
फिल्म प्रमाणन में निभाएंगे भूमिका
सेंसर बोर्ड से जुड़ी कमेटी का काम फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन से पहले प्रमाणन प्रक्रिया में भूमिका निभाना होता है। नई कमेटी भी इसी व्यवस्था के तहत काम करेगी। पंकज त्रिपाठी और विनोद अनुपम के अनुभव का उपयोग फिल्मों से जुड़े मामलों को समझने और निर्धारित प्रक्रिया में योगदान देने में किया जा सकता है।
बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण मौजूदगी
एक ही कमेटी में बिहार से दो लोगों को जगह मिलने की वजह से राज्य में भी इस नियुक्ति की चर्चा है। खास तौर पर फिल्म और सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच दोनों नामों को लेकर रुचि देखी जा रही है। पंकज त्रिपाठी का फिल्म अभिनय से जुड़ा अनुभव और विनोद अनुपम का फिल्म समीक्षा से जुड़ा अनुभव कमेटी में अलग-अलग प्रकार का दृष्टिकोण उपलब्ध करा सकता है।
तीन वर्षों तक जिम्मेदारी
नई 18 सदस्यीय कमेटी अब अगले तीन वर्षों तक फिल्म प्रमाणन से जुड़े मामलों में काम करेगी। पंकज त्रिपाठी और विनोद अनुपम भी इस अवधि में अपनी सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। बिहार से दोनों नामों के शामिल होने के बाद राज्य की फिल्म और कला से जुड़ी मौजूदगी राष्ट्रीय स्तर की इस व्यवस्था में दर्ज हुई है।