भागलपुर: 1 अक्टूबर से बंद होगा विक्रमशिला सेतु! मरम्मत के लिए पूरी तरह बंद करने की तैयारी, गंगा में चलेंगे यात्री और मालवाहक जहाज

BNT
By
7 Min Read

BNT Desk: भागलपुर के लोगों के लिए बड़ी खबर है। लंबे समय से मरम्मत की जरूरत से जूझ रहे विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का काम जल्द शुरू होने वाला है। पुल की मरम्मत के लिए आगामी 1 अक्टूबर से इसे पूरी तरह बंद करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही पुल के समानांतर बनाए गए बेली ब्रिज को भी हटाया जाएगा। पुल बंद होने की स्थिति में लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने की कवायद शुरू कर दी गई है। पुल बंद रहने के दौरान गंगा के रास्ते यात्रियों और सामान की आवाजाही की व्यवस्था करने की तैयारी है। इसके लिए यात्री जहाज और सामान ढोने वाले जहाज चलाने की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि पुल के बंद रहने की अवधि में लोगों को आने-जाने और जरूरी सामान की आवाजाही में कम से कम परेशानी हो।

 

1 अक्टूबर से पुल पूरी तरह बंद करने की तैयारी

विक्रमशिला सेतु भागलपुर के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ऐसे में पुल को पूरी तरह बंद करने का फैसला लोगों की आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मरम्मत का काम शुरू करने के लिए 1 अक्टूबर की तारीख को लेकर तैयारी चल रही है। पुल को बंद करने के साथ ही बेली ब्रिज को हटाने का काम भी किया जाएगा। प्रशासन की योजना है कि गंगा का पानी कम होते ही बेली ब्रिज को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। बेली ब्रिज हटने के बाद पुल की मरम्मत से जुड़ा काम आगे बढ़ाया जा सकेगा। हालांकि, पुल को बंद करने और यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर अंतिम स्थिति प्रशासन की बैठक के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।

 

गंगा में चलेंगे यात्री जहाज

विक्रमशिला सेतु के बंद रहने के दौरान यात्रियों की आवाजाही के लिए गंगा में यात्री जहाज चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए अब तक यात्री जहाज चलाने के इच्छुक लोगों या संचालकों की ओर से 7 आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई है। यात्री जहाजों के संचालन का उद्देश्य पुल बंद रहने के दौरान लोगों को एक वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। खासकर उन लोगों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी, जिन्हें रोजाना एक तरफ से दूसरी तरफ आना-जाना पड़ता है। इसके अलावा गंगा के रास्ते सामान की आवाजाही के लिए मालवाहक जहाज चलाने की भी तैयारी है। सामान ढोने वाले जहाजों के लिए आवेदन की प्रक्रिया अभी जारी है।

 

20 सितंबर के बाद होगी अहम बैठक

पुल को पूरी तरह बंद करने और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर 20 सितंबर के बाद प्रशासन की एक अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में विक्रमशिला सेतु बंद करने की प्रक्रिया, गंगा में जहाजों के संचालन और लोगों के आने-जाने की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक के बाद पुल बंद करने और वैकल्पिक मार्गों को लेकर अंतिम तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि पुल बंद रहने के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को किस तरह व्यवस्थित किया जाए। इसके अलावा गंगा में जहाजों के संचालन के दौरान सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

 

जहाजों में सुरक्षा के होंगे इंतजाम

गंगा में यात्री जहाज चलाए जाने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी तैयारी की जा रही है। जहाजों में यात्रियों के लिए Life Jacket की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाएगी। इसका उद्देश्य जहाजों में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई करना होगा। प्रशासन की ओर से जहाजों के संचालन के दौरान क्षमता और सुरक्षा मानकों पर भी नजर रखने की जरूरत होगी, ताकि निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को सवार न कराया जाए।

 

ज्यादा सामान लदे वाहनों पर भी नजर

विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था में सामान की आवाजाही भी एक महत्वपूर्ण विषय होगी। इसके लिए ज्यादा सामान लदे वाहनों पर भी नजर रखी जाएगी। प्रशासन की कोशिश होगी कि परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा नियमों का पालन हो और क्षमता से अधिक सामान लदे वाहनों या अन्य वाहनों के कारण किसी तरह की परेशानी न हो। गंगा के रास्ते सामान ढोने वाले जहाजों के संचालन को लेकर आवेदन प्रक्रिया जारी है। आवेदन और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मालवाहक जहाजों के संचालन की तस्वीर भी स्पष्ट होगी।

 

लोगों को वैकल्पिक रास्ते की सुविधा देने की तैयारी

विक्रमशिला सेतु बंद होने की स्थिति में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी लोगों को सुचारू आवाजाही का विकल्प उपलब्ध कराना है। सड़क मार्ग के साथ गंगा के रास्ते यात्री और मालवाहक जहाजों की व्यवस्था इसी योजना का हिस्सा है। फिलहाल 1 अक्टूबर से पुल बंद करने की तैयारी की जा रही है। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद बेली ब्रिज हटाने का काम शुरू किया जाएगा। वहीं, 20 सितंबर के बाद होने वाली प्रशासनिक बैठक में पुल बंद करने और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय स्पष्ट होगा। अगर तय योजना के अनुसार 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पूरी तरह बंद किया जाता है, तो पुल की मरम्मत अवधि में गंगा के रास्ते यात्री और सामान की आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी। इससे प्रशासन को उम्मीद है कि पुल बंद रहने के दौरान लोगों की आवाजाही और जरूरी सामान के परिवहन को व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

Share This Article