हाजीपुर-सोनपुर पुराने गंडक पुल की हालत पर सवाल, जंग लगे लोहे और बाहर निकले सरिए का वीडियो आया सामने

BNT
By
7 Min Read

BNT Desk: विक्रमशिला सेतु पुल हादसे के बाद बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने जांच और निगरानी की बात कही थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा था कि राज्य के सभी पुलों की जांच कराई जाएगी। जिन पुलों की स्थिति खराब मिलेगी, उनकी मरम्मत कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर ऐसे पुलों का परिचालन भी बंद किया जा सकता है। इसी बीच हाजीपुर और सोनपुर को जोड़ने वाले पुराने गंडक पुल का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पुल के कुछ हिस्सों की हालत खराब दिखाई दे रही है। लोहे के हिस्सों पर जगह-जगह जंग नजर आ रही है, जबकि ढलाई के नीचे से सरिया बाहर निकला हुआ दिखाई दे रहा है। कुछ स्थानों पर सरिया टूटा हुआ भी नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुल की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

 

पुराने गंडक पुल की तस्वीर ने बढ़ाई चिंता

हाजीपुर और सोनपुर को जोड़ने वाला पुराना गंडक पुल लंबे समय से दोनों इलाकों के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। इस पुल से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुल के ढांचे से जुड़ी किसी भी तरह की खराबी लोगों की चिंता बढ़ा सकती है। सामने आए वीडियो में पुल के लोहे के हिस्सों पर जंग दिखाई दे रही है। वहीं पुल की ढलाई के नीचे से सरिया बाहर निकला हुआ नजर आता है। कुछ जगहों पर सरिए की स्थिति भी खराब दिखाई दे रही है। हालांकि केवल वीडियो के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पुल की पूरी संरचना असुरक्षित है या उस पर तत्काल परिचालन रोकने की जरूरत है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों और संबंधित विभाग की विस्तृत जांच जरूरी होगी।

 

हजारों वाहन रोज करते हैं आवागमन

पुराना गंडक पुल हाजीपुर और सोनपुर के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस रास्ते से रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुल पर यातायात का दबाव होने के कारण इसकी मजबूती और रखरखाव बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। पुल के किसी हिस्से में जंग, सरिया निकलने या कंक्रीट टूटने जैसी स्थिति दिखाई देने पर यह सवाल स्वाभाविक है कि उसका संरचनात्मक असर कितना है। क्या यह केवल ऊपरी सतह या रखरखाव से जुड़ी समस्या है या पुल के मुख्य ढांचे पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है, यह केवल तकनीकी जांच से ही स्पष्ट हो सकता है। लोगों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि पुल की मौजूदा स्थिति को लेकर प्रशासन ने हाल में कोई निरीक्षण कराया है या नहीं और अगर कराया गया है तो उसकी रिपोर्ट में क्या सामने आया।

 

सोनपुर मेले के दौरान बढ़ जाता है दबाव

पुराने गंडक पुल की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि हर साल सोनपुर मेला आयोजित होता है। मेले के दौरान बिहार के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग सोनपुर पहुंचते हैं। इस दौरान वाहनों की संख्या और लोगों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे में पुल की सुरक्षा व्यवस्था और उसकी क्षमता को लेकर पहले से तैयारी करना जरूरी हो जाता है। अगर किसी पुल के किसी हिस्से में संरचनात्मक समस्या है तो मेले जैसे बड़े आयोजन से पहले उसकी जांच और आवश्यक मरम्मत कराना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। यही वजह है कि सामने आए वीडियो के बाद स्थानीय स्तर पर भी पुल की वास्तविक स्थिति की जांच की मांग उठ सकती है।

 

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जांच पर नजर

विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के पुलों की जांच कराने की बात कही थी। सरकार का कहना था कि खराब स्थिति वाले पुलों की मरम्मत कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर परिचालन भी रोका जा सकता है। ऐसे में पुराने गंडक पुल को लेकर सामने आया वीडियो इस व्यापक पुल जांच की प्रक्रिया के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण हो जाता है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस पुल का तकनीकी निरीक्षण कब कराता है और निरीक्षण में क्या स्थिति सामने आती है। अगर पुल के किसी हिस्से में मरम्मत की जरूरत पाई जाती है तो समय रहते काम कराना जरूरी होगा, ताकि किसी बड़े हादसे की स्थिति पैदा न हो।

 

वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

सामने आए वीडियो में पुल के कुछ हिस्सों की स्थिति खराब दिखाई दे रही है, लेकिन Bihar News Today इस वीडियो में दिखाई जा रही स्थिति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वीडियो कब का है, इसे किस स्थान पर और किस परिस्थिति में रिकॉर्ड किया गया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। साथ ही, वीडियो में दिखाई दे रहे जंग लगे लोहे या बाहर निकले सरिए का पुल की समग्र संरचनात्मक मजबूती पर कितना असर है, यह भी विशेषज्ञ जांच के बिना तय नहीं किया जा सकता। इसलिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि संबंधित विभाग मौके पर पहुंचकर पुल का तकनीकी निरीक्षण करे। जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि पुल की स्थिति सामान्य है, मरम्मत की जरूरत है या सुरक्षा के लिहाज से कोई बड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है।

 

अब प्रशासन की जांच से साफ होगी तस्वीर

पुराने गंडक पुल से बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में पुल की सुरक्षा से जुड़ा कोई भी सवाल सीधे आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ जाता है। मुख्यमंत्री की ओर से सभी पुलों की जांच की बात कहे जाने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। पुराने गंडक पुल की वास्तविक स्थिति क्या है, इसमें कितनी मरम्मत की जरूरत है और क्या मौजूदा स्थिति वाहनों के आवागमन के लिए सुरक्षित है—इन सभी सवालों का जवाब तकनीकी जांच के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल वीडियो ने पुल की स्थिति को लेकर चिंता जरूर बढ़ा दी है। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग जल्द से जल्द निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करे और अगर कहीं खामी मिलती है तो समय रहते उसका समाधान किया जाए।

Share This Article