BNT Desk: दिल्ली में आयोजित BRICS Summit की वेलकम किट में बिहार के प्रसिद्ध खाद्य उत्पाद सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में बिहार के पारंपरिक उत्पादों को जगह मिलने से राज्य में खुशी का माहौल है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सत्तू और मखाना का अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना बिहार के लिए गौरव की बात है।
BRICS की वेलकम किट में बिहार के उत्पाद
BRICS Summit में शामिल होने वाले प्रतिनिधियों के लिए तैयार की गई वेलकम किट में बिहार के सत्तू और मखाना को शामिल किया गया है। दोनों ही उत्पाद बिहार की पहचान से जुड़े हुए हैं और लंबे समय से राज्य के खान-पान और स्थानीय अर्थव्यवस्था का हिस्सा रहे हैं।
सत्तू को बिहार के पारंपरिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों में गिना जाता है। वहीं, मखाना बिहार की एक प्रमुख उपज है, जिसकी देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी मांग है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की वेलकम किट में इन उत्पादों को जगह मिलना बिहार के स्थानीय उत्पादों के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।
CM सम्राट चौधरी ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस पहल को बिहार के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि बिहार के सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलना राज्य के लिए गौरव की बात है।
मुख्यमंत्री ने इसे ‘Local to Global’ की सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि बिहार के स्थानीय उत्पाद अब देश की सीमाओं से आगे वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहे हैं।
सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार की नई पहचान बन रही है और राज्य का स्वाद अब दुनिया के सामने पहुंच रहा है। BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में स्थानीय उत्पादों की मौजूदगी से बिहार के पारंपरिक खाद्य पदार्थों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
सत्तू और मखाना की खास पहचान
सत्तू बिहार के सबसे लोकप्रिय पारंपरिक खाद्य पदार्थों में से एक है। गर्मी के मौसम में सत्तू का शरबत और सत्तू से बने दूसरे व्यंजन आम तौर पर लोगों के खान-पान का हिस्सा रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक इसकी अपनी अलग पहचान है।
मखाना भी बिहार के प्रमुख उत्पादों में शामिल है। खास तौर पर मिथिला और उत्तर बिहार के कई इलाकों में मखाने का उत्पादन बड़ी संख्या में होता है। मखाने का इस्तेमाल खाने के साथ-साथ अलग-अलग तरह के व्यंजन बनाने में भी किया जाता है।
इन दोनों उत्पादों की खासियत यह है कि इनका संबंध सिर्फ बिहार के भोजन से नहीं, बल्कि यहां के किसानों, स्थानीय कारोबारियों और छोटे उद्यमियों से भी है। इसलिए इनके वैश्विक मंच तक पहुंचने को स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों तक पहुंचेगा बिहार का स्वाद
BRICS Summit में दुनिया के कई देशों के प्रतिनिधि और शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। ऐसे में वेलकम किट के जरिए बिहार के सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों तक पहुंचने का मौका मिला है।
स्थानीय उत्पादों को इस तरह के बड़े आयोजनों में शामिल किए जाने से दूसरे देशों के लोगों को भी भारत के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को जानने का अवसर मिलता है। बिहार के लिए यह खास इसलिए है क्योंकि सत्तू और मखाना दोनों राज्य की पहचान से सीधे जुड़े हुए हैं।
क्या है BRICS Summit?
BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का एक अंतरराष्ट्रीय समूह है। BRICS नाम मूल रूप से Brazil, Russia, India, China और South Africa के अंग्रेजी नामों के शुरुआती अक्षरों से बना है।
इस समूह का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग को मजबूत करना है। BRICS के मंच पर सदस्य देशों के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, निवेश, विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। ऐसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में किसी राज्य के स्थानीय उत्पादों को जगह मिलना उस राज्य की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का माध्यम भी बन सकता है।
‘Local to Global’ की दिशा में कदम
बिहार में लंबे समय से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। सत्तू और मखाना जैसे उत्पादों को BRICS Summit की वेलकम किट में शामिल किया जाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इससे बिहार के उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ किसानों, उत्पादकों और कारोबारियों के लिए भी संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक लाभ कितना होगा, यह आने वाले समय में इन उत्पादों की मांग और बाजार विस्तार पर निर्भर करेगा।
फिलहाल BRICS Summit की वेलकम किट में सत्तू और मखाना की मौजूदगी ने बिहार के पारंपरिक स्वाद को वैश्विक मंच पर पहुंचा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसे बिहार के लिए गौरव का क्षण बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार जताया है।