BNT Desk: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान की सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय को एक धमकी भरा संदेश मिला है, जिसमें मंत्री को जान से मारने की बात कही गई है। इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू करने की मांग की गई है। मंत्रालय की ओर से गृह सचिव को भेजे गए पत्र में इस धमकी की जानकारी दी गई है। पत्र में बताया गया है कि मंत्री चिराग पासवान फिलहाल गृह मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली Z-कैटेगरी सुरक्षा के दायरे में हैं। ऐसे में उन्हें मिली सीधी जान से मारने की धमकी को गंभीर सुरक्षा मामला माना जा रहा है।
मंत्रालय को मिला धमकी भरा संदेश
1 सितंबर 2026 की तारीख वाले इस पत्र में बताया गया है कि मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला संदेश प्राप्त हुआ। इस संदेश में दो मोबाइल नंबर भी दिए गए थे। संदेश खोलने के बाद उसमें केंद्रीय मंत्री को सीधे जान से मारने की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई। पत्र के मुताबिक, धमकी वाले संदेश में लिखा था कि मंत्री को जल्द ही “हार्डकोर आतंकियों” के जरिए मार दिया जाएगा। धमकी में इस्तेमाल की गई भाषा और आतंकियों का संदर्भ होने के कारण मंत्रालय ने इसे गंभीरता से लिया है।
मंत्रालय की ओर से गृह सचिव को भेजे गए पत्र में इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
गृह मंत्रालय से जांच की मांग
मंत्रालय के अतिरिक्त निजी सचिव आलोक कुमार सिंह की ओर से भेजे गए पत्र में गृह सचिव से इस मामले की तत्काल और गहन जांच कराने का अनुरोध किया गया है। पत्र में धमकी भरे संदेश की उत्पत्ति, उसकी वास्तविकता और इसके पीछे की परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की गई है। पत्र में कहा गया है कि धमकी वाले संदेश की सत्यता और उसके स्रोत की जांच बिना किसी देरी के की जानी चाहिए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। चिराग पासवान के लगातार सार्वजनिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को जरूरत के मुताबिक और मजबूत करने का भी अनुरोध किया गया है।
चिराग पासवान को पहले से मिली है Z-कैटेगरी सुरक्षा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को पहले से ही Z-कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। यह सुरक्षा गृह मंत्रालय की ओर से सुरक्षा आकलन के आधार पर दी जाती है। ऐसे में मंत्री को सीधे जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए मामला और भी महत्वपूर्ण हो गया है। पत्र में भी इस बात का उल्लेख किया गया है कि मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की जाए और खतरे को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जाएं। खासकर मंत्री के तय सार्वजनिक कार्यक्रमों और उनके आने-जाने वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।
दो मोबाइल नंबर भी संदेश में शामिल
धमकी भरे संदेश में दो मोबाइल नंबर भी दिए गए थे। मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में इन नंबरों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध पत्र में इन नंबरों की पहचान या उनसे जुड़े किसी व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि धमकी वाला संदेश कहां से भेजा गया, इसमें इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर किसके हैं और इसके पीछे कौन लोग हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियां हुईं सतर्क
मंत्री को मिली इस धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के सतर्क होने की बात सामने आई है। पत्र में गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को भी इसकी जानकारी भेजे जाने का उल्लेख है। मंत्रालय ने मामले को अत्यंत जरूरी और प्राथमिकता के साथ लेने का अनुरोध किया है। साथ ही मंत्री की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाने की मांग की गई है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि धमकी देने वाला कौन है और क्या यह सिर्फ डर पैदा करने की कोशिश है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है। इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पत्र में सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग
धमकी की गंभीरता को देखते हुए पत्र में चिराग पासवान की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जरूरत पड़ने पर उसे बढ़ाने की मांग की गई है। खासतौर पर उनके आगामी सार्वजनिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की बात कही गई है। मंत्रालय ने गृह सचिव से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द जांच शुरू कराने का अनुरोध किया है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल धमकी के स्रोत और इसके पीछे की मंशा को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। जांच एजेंसियां धमकी भरे संदेश की सत्यता की जांच करेंगी और इसमें इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों समेत अन्य सुरागों की पड़ताल कर सकती हैं। धमकी वास्तविक है या किसी की शरारत, यह जांच के बाद ही साफ होगा। लेकिन केंद्रीय मंत्री को सीधे जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र ने इस मामले को गंभीर सुरक्षा चिंता के तौर पर उठाया है और गृह मंत्रालय से तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।