दलीप ट्रॉफी: ईस्ट जोन ने डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हराया, फाइनल में पहुंची टीम

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BNT Desk: दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन ने डिफेंडिंग चैंपियन सेंट्रल जोन को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ ईस्ट जोन ने टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम को जीत के लिए 159 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे उसने तीसरे दिन 80.1 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। कप्तान ईशान किशन 39 रन और मोहम्मद शमी 8 रन बनाकर नाबाद रहे। ईस्ट जोन की जीत में बिहार के युवा बल्लेबाज और टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी की अहम भूमिका रही। उन्होंने दूसरी पारी में 40 रन की उपयोगी पारी खेली। इससे पहले पहली पारी में भी सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 92 रन बनाए थे।

 

159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ईस्ट जोन

सेंट्रल जोन को दूसरी पारी में सिर्फ 158 रन पर समेटने के बाद ईस्ट जोन के सामने 159 रन का लक्ष्य था। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन सेमीफाइनल जैसे मुकाबले में दबाव जरूर था। ईस्ट जोन ने संभलकर बल्लेबाजी की और तीसरे दिन लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान ईशान किशन ने जिम्मेदारी संभालते हुए 39 रन की नाबाद पारी खेली। उनके साथ मोहम्मद शमी 8 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद रहे। दोनों ने टीम को जीत तक पहुंचाया। उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने भी दूसरी पारी में 40 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद दूसरी पारी में भी उनकी बल्लेबाजी ने टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

 

सेंट्रल जोन की दूसरी पारी 158 रन पर सिमटी

सेंट्रल जोन की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने सिर्फ 37 रन के स्कोर तक अपने तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। कप्तान रजत पाटीदार केवल 5 रन बना सके, जबकि रिंकू सिंह 20 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद भी सेंट्रल जोन की मुश्किलें कम नहीं हुईं। टीम ने 95 रन के स्कोर तक 7 विकेट गंवा दिए थे। ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम 100 रन के आसपास ही सिमट जाएगी। हालांकि अरशद खान ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर टीम की पारी को संभाला। उन्होंने महत्वपूर्ण 25 रन बनाए। हर्ष दुबे ने भी 24 रन की पारी खेली। अमन मोखाड़े सेंट्रल जोन के सबसे सफल बल्लेबाज रहे और उन्होंने 41 रन बनाए। इसके बावजूद सेंट्रल जोन की पूरी टीम 158 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ईस्ट जोन को जीत के लिए 159 रन का लक्ष्य मिला।

 

मुकेश कुमार ने बरपाया कहर

ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार सबसे सफल रहे। उन्होंने दूसरी पारी में 12 ओवर गेंदबाजी की और 44 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। मुकेश ने पहली पारी में भी 3 विकेट लिए थे। इस तरह पूरे मुकाबले में उन्होंने कुल 7 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद शमी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके। अभिजीत सरकार, अनुकूल रॉय और क़ुनैन कुरैशी को एक-एक विकेट मिला। ईस्ट जोन के गेंदबाजों के सामने सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी पूरी तरह दबाव में नजर आई। लगातार विकेट गिरने के कारण डिफेंडिंग चैंपियन टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

 

शमी ने पूरे किए प्रोफेशनल क्रिकेट में 900 विकेट

मोहम्मद शमी के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत तौर पर भी बेहद खास रहा। सेमीफाइनल के पहले दिन सेंट्रल जोन के खिलाफ 3 विकेट लेते ही शमी ने प्रोफेशनल क्रिकेट में अपने 900 विकेट पूरे कर लिए। 36 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले शमी सिर्फ छठे भारतीय गेंदबाज हैं। उनके इस रिकॉर्ड ने दलीप ट्रॉफी के मुकाबले को और खास बना दिया। शमी ने ईस्ट जोन की जीत में गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी में भी योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करते हुए वह 8 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत दिलाकर ही मैदान से बाहर गए।

 

पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर

इससे पहले ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन की पहली पारी 266-266 रन पर खत्म हुई थी। ईस्ट जोन के लिए वैभव सूर्यवंशी ने शानदार 92 रन बनाए थे। उन्होंने अपनी पारी में 7 चौके और 7 छक्के लगाए। अभिमन्यु ईश्वर ने भी 69 रन की पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 161 रन की बड़ी साझेदारी की और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि इस साझेदारी के बाद ईस्ट जोन की पारी लड़खड़ा गई। टीम ने अगले 104 रन के अंदर अपने सभी विकेट गंवा दिए और 266 रन पर ऑलआउट हो गई। सेंट्रल जोन की ओर से हर्ष दुबे ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट लिए। आर्यन पांडे और यश ठाकुर को 3-3 विकेट मिले।

 

दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन मजबूत

दलीप ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन के बीच मुकाबला चल रहा है। तीसरे दिन साउथ जोन की पहली पारी 312 रन पर समाप्त हुई। साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 116 रन बनाए। उन्होंने 250 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में 9 चौके लगाए। श्रेयस गोपाल ने 87 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि नारायण जगदीशन ने 36 रन बनाए। साउथ जोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रितिक भुई सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हुए, जबकि शेख रशीद खाता भी नहीं खोल सके। इसके बाद जगदीशन और तिलक वर्मा ने पारी को संभाला।

 

तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल की बड़ी साझेदारी

साउथ जोन की पारी को संभालने में तिलक वर्मा और श्रेयस गोपाल की साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण रही। दोनों ने छठे विकेट के लिए 176 रन जोड़े। गोपाल 87 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तिलक वर्मा अंत तक टिके रहे। उनकी नाबाद 116 रन की पारी की बदौलत साउथ जोन 300 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहा। नॉर्थ जोन की ओर से गुरनूर बरार सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 23 ओवर में 88 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज को 2-2 विकेट मिले, जबकि आबिद मुश्ताक ने एक विकेट लिया।

 

फाइनल में ईस्ट जोन का इंतजार

सेंट्रल जोन को हराकर ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है। अब फाइनल में उसका सामना दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।

ईस्ट जोन के लिए वैभव सूर्यवंशी का लगातार दोनों पारियों में अच्छा प्रदर्शन, मुकेश कुमार की शानदार गेंदबाजी और मोहम्मद शमी का अनुभव बड़ी ताकत साबित हुआ। अब टीम की नजर खिताब जीतने पर होगी।

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