BNT Desk: दुर्गा पूजा, दशहरा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर बिहार लौटने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली वेटिंग और कन्फर्म टिकट की परेशानी को देखते हुए अब सड़क मार्ग से घर पहुंचने के विकल्प को बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली और बिहार के बीच यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 120 से अधिक स्पेशल और रेगुलर बसें चलाने की तैयारी की जा रही है।
त्योहारों के समय दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग बिहार अपने घर लौटते हैं। इस दौरान ट्रेनों में सीटें जल्दी भर जाती हैं और यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए काफी परेशानी होती है। ऐसे में बस सेवा का विस्तार यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकता है।
सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है टिकट बुकिंग
प्रस्तावित बस सेवा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यात्री पहले से टिकट बुक कर सकेंगे। जानकारी के अनुसार, सितंबर 2026 से बसों की बुकिंग शुरू करने की तैयारी है। वहीं दशहरा स्पेशल बसों के लिए एडवांस बुकिंग अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।
परिवहन विभाग की योजना अक्टूबर से बसों का परिचालन शुरू करने की है, ताकि दशहरा और दीपावली से पहले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सके। छठ के दौरान बिहार लौटने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए बसों का संचालन आगे भी जारी रखा जा सकता है।
करीब 60 स्पेशल बसें सड़क पर उतरेंगी
त्योहारी भीड़ को देखते हुए करीब 60 स्पेशल डीजल और सीएनजी बसें चलाने की तैयारी है। खास बात यह है कि इन बसों का संचालन केवल त्योहारों तक सीमित रखने की योजना नहीं है। इन्हें नियमित रूप से पूरे साल चलाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
अगर यह योजना लागू होती है तो दिल्ली और बिहार के बीच रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। यानी त्योहार समाप्त होने के बाद भी लोगों के पास लंबी दूरी की यात्रा के लिए बस का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
निजी बस ऑपरेटर भी बढ़ाएंगे सेवाएं
सरकारी बसों के अलावा निजी बस ऑपरेटर भी त्योहारी सीजन में अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली और बिहार के बीच फिलहाल 432 बसों का परमिट कोटा बताया गया है। नियमित बसों की संख्या बढ़ाने के लिए परमिट देने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इसके अलावा त्योहारी भीड़ को देखते हुए निजी ऑपरेटर करीब 30 अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी में हैं। अगले महीने पटना और दिल्ली के बीच चार नई लग्जरी बसें शुरू किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
सरकार की ओर से अगले 10 दिनों में स्पेशल बसों के संचालन का प्रस्ताव भेजे जाने की तैयारी है। मंजूरी मिलने के बाद बसों की संख्या और रूट को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
स्लीपर से एसी बस तक मिलेगा विकल्प
यात्रियों की सुविधा और जरूरत को देखते हुए अलग-अलग श्रेणी की बसें उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें 42 से 56 सीटर बसों के अलावा स्लीपर बसें भी शामिल हो सकती हैं।
यात्रियों को सेमी-स्लीपर, डीलक्स, एसी और नॉन-एसी बसों का विकल्प मिल सकता है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले परिवारों के लिए स्लीपर और एसी बसें ज्यादा सुविधाजनक विकल्प साबित हो सकती हैं।
दिल्ली से बिहार के अलग-अलग शहरों तक बस से सफर में करीब 8 से 16 घंटे लग सकते हैं। हालांकि यात्रा का वास्तविक समय रूट, ट्रैफिक और संबंधित शहर के हिसाब से अलग-अलग होगा।
दिल्ली से बिहार आने का कितना होगा किराया?
त्योहारी सीजन के लिए अलग-अलग शहरों का अनुमानित किराया भी सामने आया है। हालांकि बस की श्रेणी, सीट और ऑपरेटर के अनुसार किराये में बदलाव हो सकता है।
- पटना: ₹1,500 से ₹2,100
- मुजफ्फरपुर: ₹1,500 से ₹2,500
- बक्सर: ₹1,500 से ₹2,500
- दरभंगा: ₹1,600 से ₹2,600
- भागलपुर: ₹2,800 से ₹3,500
- पूर्णिया: ₹2,000 से ₹2,800
- गया: ₹1,500 से ₹2,300
इससे दिल्ली से बिहार आने वाले यात्रियों को पटना के अलावा गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहरों के लिए भी सीधे बस का विकल्प मिल सकता है।
छठ पर सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद
बिहार के सबसे बड़े त्योहारों में शामिल छठ के दौरान दिल्ली से बिहार आने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस दौरान कन्फर्म टिकट मिलना बड़ी चुनौती बन जाता है।
ऐसे में अगर स्पेशल बसों की बुकिंग समय पर शुरू होती है और पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध रहती हैं, तो यात्रियों को ट्रेन के विकल्प के साथ सड़क मार्ग का भी सहारा मिल सकेगा। इससे आखिरी समय में टिकट के लिए होने वाली भागदौड़ कुछ कम हो सकती है।
यात्रियों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
दिल्ली-NCR से बिहार लौटने वाले लोगों के लिए बसों की संख्या बढ़ाना त्योहारी सीजन में एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक व्यवस्था साबित हो सकता है। खासकर उन यात्रियों को इसका फायदा मिलेगा जिन्हें ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता है।
अब यात्रियों की नजर सितंबर 2026 में बुकिंग शुरू होने की तारीख, बसों के अंतिम रूट और उपलब्ध सीटों पर रहेगी। यदि प्रस्तावित योजना समय पर लागू होती है तो दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान दिल्ली से बिहार आने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।