BNT Desk: पटना सिविल कोर्ट स्थित विशेष निगरानी अदालत में बहुचर्चित कथित टेंडर घोटाला मामले को लेकर गुरुवार को अहम कानूनी कार्यवाही हुई। मामले में जेल में बंद ठेकेदार रिशु श्री की नियमित जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। वहीं, इसी मामले में आरोपी आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी आज सुनवाई होनी है।
रिशु श्री ने खुद को बताया बेगुनाह
रिशु श्री की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और उन्हें नियमित जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत से याचिका खारिज करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
संजीव हंस की अग्रिम जमानत पर आज सुनवाई
इसी कथित टेंडर घोटाला मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर भी गुरुवार को विशेष निगरानी अदालत में सुनवाई प्रस्तावित है। इस याचिका पर अदालत क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
तारिणी दास की जमानत पर भी सुनवाई
मामले में भवन निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका पर भी आज सुनवाई होनी है। ऐसे में एक ही मामले से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण जमानत याचिकाओं पर अदालत की कार्यवाही बेहद अहम मानी जा रही है।
सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल हो चुका है आरोपपत्र
विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच के बाद इस मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस समेत सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं, जिसकी जांच के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की गई।
फैसले पर टिकी हैं निगाहें
फिलहाल कानूनी और प्रशासनिक हलकों की नजर विशेष निगरानी अदालत की कार्यवाही पर बनी हुई है। खासकर रिशु श्री की नियमित जमानत और संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर आने वाले आदेश को इस बहुचर्चित मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।