BNT Desk: पटना में मेट्रो स्टेशन के निर्माण कार्य के बीच शहर की यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। हाल ही में नीट (NEET) की पुनर्परीक्षा के मद्देनजर यातायात प्रबंधन में बड़ा बदलाव किया गया है।
नीट परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ट्रैफिक ट्रायल रद
नेहरू पथ (बेली रोड) पर आयकर चौराहा से गोल्फ क्लब के बीच मेट्रो स्टेशन का निर्माण होना है। इसके लिए ट्रैफिक को डायवर्ट करने की योजना थी, जिसका पहला ट्रायल शनिवार, 20 जून को सुबह 11:00 बजे होना था।
हालांकि, 21 जून को होने वाली नीट की पुनर्परीक्षा को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में दिक्कत न हो, इसे ध्यान में रखते हुए 20 जून का प्रस्तावित ट्रैफिक ट्रायल आधिकारिक रूप से रद कर दिया गया है।
लेन बंदी की तारीख आगे बढ़ी
पहले की योजना के अनुसार, 22 जून से बेली रोड की इस लेन को पूरी तरह बंद किया जाना था। लेकिन, ट्रैफिक ट्रायल रद होने के कारण अब लेन को बंद करने की आधिकारिक तिथि को भी आगे खिसका दिया गया है। ट्रैफिक एसपी (प्रभार) सतीश कुमार के अनुसार, अब नीट परीक्षा संपन्न होने के बाद ही अगले ट्रायल की तारीख और समय तय किया जाएगा।
वायुसेना के विमान से पहुंचे प्रश्नपत्र
नीट यूजी की पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रश्नपत्रों को विशेष रूप से हवाई मार्ग से पटना लाया गया।
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गजराज विमान की भूमिका: प्रश्नपत्रों को भारतीय वायुसेना के विशेष विमान ‘गजराज’ के जरिए पटना एयरपोर्ट पहुँचाया गया।
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सुरक्षा घेरा: विमान के उतरते ही केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों की कड़ी निगरानी में इन्हें कलेक्ट करने के बाद निर्धारित केंद्रों तक पहुँचाया गया।
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वितरण: पटना पहुंचने के बाद प्रश्नपत्रों का हिस्सा दरभंगा और गया एयरपोर्ट भी भेजा गया, जहाँ उन्हें संबंधित अधिकारियों की देखरेख में सुरक्षित सौंपा गया।
21 जून को निष्पक्ष परीक्षा की तैयारी
गौरतलब है कि 3 जून को हुई नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया था। पटना समेत बिहार के कई जिलों में 21 जून को होने वाली इस पुनर्परीक्षा को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।