BNT Desk: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बहुत ही शानदार और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में जल्द ही बड़े पैमाने पर बहाली होने जा रही है। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया है कि विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी को दूर करने के लिए कुल 8,054 राजस्व कर्मचारियों (Revenue Employees) की सीधी भर्ती की जाएगी। इस मेगा रिक्रूटमेंट ड्राइव (Mega Recruitment Drive) से न केवल बिहार के हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि अंचल कार्यालयों (ब्लॉक) में लंबे समय से लंबित पड़े जमीन संबंधी कार्यों में भी तेजी आएगी।
15 जून के बाद कभी भी आ सकती है वैकेंसी
इस बहुप्रतीक्षित बहाली की समय-सीमा तय करते हुए विभागीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस प्रक्रिया को बेहद तेजी से आगे बढ़ा रही है।
भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुख्य बिंदु:
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रोस्टर क्लियरेंस पर काम जारी: वर्तमान में विभाग के स्तर पर रोस्टर क्लियरेंस (आरक्षण वर्गीकरण) का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके तहत यह तय किया जा रहा है कि सामान्य वर्ग, ओबीसी, ईबीसी, एससी, एसटी और महिला वर्ग के लिए कितने-कितने पद आरक्षित होंगे।
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विज्ञापन की तारीख: मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के अनुसार, रोस्टर क्लियरेंस की प्रक्रिया पूरी होते ही आगामी 15 जून 2026 के बाद इस भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन (Notification) किसी भी दिन जारी कर दिया जाएगा।
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भर्ती एजेंसी को अधियाचना: रोस्टर फाइनल होते ही विभाग द्वारा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) या संबंधित चयन बोर्ड को बहाली के लिए आधिकारिक अधियाचना भेज दी जाएगी, जिसके बाद ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी।
डाटा एंट्री ऑपरेटरों (DEO) की भी होगी जल्द बहाली
भूमि सुधार मंत्री ने युवाओं को एक और खुशखबरी देते हुए बताया कि सिर्फ राजस्व कर्मचारी ही नहीं, बल्कि विभाग में बड़े पैमाने पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों (Data Entry Operators) की भी बहाली की जाएगी।
चूंकि बिहार सरकार वर्तमान में अपनी सभी भूमि सेवाओं, जैसे—दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), ऑनलाइन लगान, परिमार्जन और जमीन के डिजिटल नक्शों को पूरी तरह से ऑनलाइन और पेपरलेस बनाने में जुटी हुई है, इसलिए अंचलों में तकनीकी रूप से सक्षम कर्मचारियों की भारी मांग है। डाटा एंट्री ऑपरेटरों की इस नई बहाली से अंचल कार्यालयों के डिजिटल कामकाज को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी और आम जनता को अपने दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह बहाली भी राजस्व कर्मचारियों की वैकेंसी के साथ या उसके तुरंत बाद बेल्ट्रॉन (Beltron) या अन्य माध्यमों से पूरी की जाएगी।
अंचल कार्यालयों में काम का बोझ होगा कम
वर्तमान समय में बिहार के लगभग सभी 534 अंचलों में राजस्व कर्मचारियों (जिन्हें आमतौर पर हल्का कर्मचारी कहा जाता है) की भारी किल्लत है। स्थिति यह है कि एक-एक कर्मचारी के भरोसे तीन से चार पंचायतों का कार्यभार सौंप दिया गया है।
इस मैनपावर की कमी के कारण आम जनता को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ता है:
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काम में देरी: जमीन की मापी, म्यूटेशन की जांच और वंशावली जैसे कार्यों के लिए लोगों को महीनों इंतजार करना पड़ता है।
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बिचौलियों का प्रभाव: दफ्तरों में काम का दबाव अधिक होने के कारण बिचौलिए हावी हो जाते हैं, जिससे भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ती हैं।
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विशेष शिविरों पर दबाव: वर्तमान में चल रहे राजस्व महा-अभियान के विशेष शिविरों में भी कर्मचारियों पर अत्यधिक काम का बोझ देखा जा रहा है।
सरकार का दावा है कि इन 8,054 नए कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद हर पंचायत स्तर पर एक स्वतंत्र राजस्व कर्मचारी की तैनाती संभव हो सकेगी। इससे जमीन से जुड़े छोटे-मोटे विवाद और कागजी काम स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निपट जाएंगे।
पारदर्शिता के साथ होगी पूरी परीक्षा
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने आश्वस्त किया है कि इस बार की पूरी बहाली प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त होगी। योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को ही इस परीक्षा के माध्यम से आगे आने का मौका मिलेगा। 15 जून के बाद जैसे ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी, अभ्यर्थियों को फॉर्म भरने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा। शिक्षा और प्रतियोगिता परीक्षाओं के विशेषज्ञों का मानना है कि इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट (12वीं पास) या स्नातक हो सकती है। ऐसे में बिहार के लाखों छात्र अभी से ही इस परीक्षा की लिखित तैयारी और कंप्यूटर टाइपिंग के अभ्यास में जुट सकते हैं, क्योंकि विज्ञापन जारी होने के बाद परीक्षा के आयोजन में ज्यादा वक्त नहीं दिया जाएगा।