BNT Desk: भोजपुरी सिनेमा के ‘पॉवर स्टार’ और भाजपा नेता पवन सिंह को बिहार विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद से पार्टी के अंदर उनका रसूख और प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। उम्मीदवार घोषित होने के बाद शनिवार को पवन सिंह पहली बार पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे।
जैसे ही उनकी गाड़ी पार्टी दफ्तर के परिसर में दाखिल हुई, वहां पहले से मौजूद सैकड़ों समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने जोश भरे नारों के साथ पूरे माहौल को गुंजायमान कर दिया। बड़ी संख्या में मौजूद छोटे-बड़े नेताओं ने गुलदस्ता देकर और माला पहनाकर पवन सिंह का बेहद गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किया।
सुबह से ही जुटने लगी थी समर्थकों की भारी भीड़
पवन सिंह के भाजपा कार्यालय आने की खबर पार्टी कार्यकर्ताओं को पहले ही मिल चुकी थी। यही वजह थी कि शनिवार सुबह से ही प्रदेश कार्यालय में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगना शुरू हो गया था।
पार्टी के कई बड़े पदाधिकारी खुद उनके स्वागत की तैयारियों की कमान संभाले हुए थे। भाजपा दफ्तर में नेताओं की इस भारी मौजूदगी ने साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी संगठन के भीतर पवन सिंह को न केवल बहुत सम्मान मिल रहा है, बल्कि आने वाले दिनों में उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
हाथ जोड़कर स्वीकार किया सबका प्यार, सादगी ने जीता दिल
गाड़ी से उतरते ही पवन सिंह अपने चिर-परिचित और विनम्र अंदाज में नजर आए। उन्होंने बेहद सादगी के साथ हाथ जोड़कर वहां मौजूद सभी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। चारों तरफ से हो रही नारेबाजी के बीच उन्होंने मुस्कुराते हुए सबका धन्यवाद किया और सीधे प्रदेश अध्यक्ष के कमरे की तरफ बढ़ गए।
पवन सिंह की इस सादगी और विनम्र व्यवहार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच एक बहुत ही सकारात्मक संदेश दिया है। दफ्तर के भीतर कई समर्थक उनके साथ सेल्फी और तस्वीरें खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक नजर आए।
प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के पैर छूने बढ़े पवन सिंह, लगा लिया गले
भाजपा प्रदेश कार्यालय के अंदर का एक नजारा वहां मौजूद सभी लोगों के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया। पवन सिंह जैसे ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के कक्ष (कमरे) में पहुंचे, उन्होंने सम्मान के तौर पर प्रदेश अध्यक्ष के चरण स्पर्श करने (पैर छूने) की कोशिश की।
हालांकि, संजय सरावगी ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया और आगे बढ़कर पवन सिंह को गर्मजोशी से अपने गले लगा लिया। दोनों नेताओं के बीच की यह आत्मीय मुलाकात और आपसी तालमेल सोशल मीडिया पर भी चर्चा बटोर रहा है। बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान आगामी विधान परिषद चुनाव की रणनीति और राज्य की आगे की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी दोनों के बीच गंभीर बातचीत हुई।
MLC चुनाव से पहले भाजपा का बड़ा राजनीतिक संदेश
बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाए जाने के ठीक बाद जिस तरह से भाजपा कार्यालय में पवन सिंह का ऐतिहासिक स्वागत हुआ है, उससे साफ है कि भाजपा नेतृत्व उन पर बहुत बड़ा भरोसा जता रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने पवन सिंह को उच्च सदन (विधान परिषद) भेजकर यह साफ संदेश दे दिया है कि भविष्य में पार्टी के भीतर उनकी भूमिका और बड़ी होने वाली है। विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए की गई उनकी मेहनत रंग लाई है। अब हर किसी की नजर 18 जून को होने वाले एमएलसी चुनाव और उसके बाद पवन सिंह के अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।