BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना का मुसल्लहपुर इलाका, जिसे देश भर के लाखों छात्र अपने सपनों का केंद्र मानते हैं, आज एक बहुत बड़े विवाद के कारण सुर्खियों में है। सरकारी नौकरी की तैयारी कराने वाले दो सबसे बड़े शिक्षकों—खान सर (फैजल खान) और रोशन सर (रोशन आनंद) के बीच की आपसी दुश्मनी (कोचिंग वॉर) अब जेल और कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच चुकी है। इस घटना ने पूरे बिहार को हिलाकर रख दिया है और सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि इन दोनों संस्थानों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं का अब क्या होगा?
जब जंग के मैदान में बदला कोचिंग सेंटर
इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत 2 जून की रात को हुई। देश के सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर और ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ के संस्थापक खान सर के कोचिंग सेंटर पर अचानक 15 से 20 लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। हमलावरों ने कोचिंग परिसर में जमकर तोड़फोड़ की, संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीटा, जिसे बाद में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना के तुरंत बाद खान सर ने मीडिया के सामने आकर दावा किया कि उनके संस्थान के बाहर प्रतिद्वंद्वी (Rival) कोचिंग ‘ज्ञान बिंदु एकेडमी’ के लोगों ने 8 से 10 राउंड गोलियां चलाईं। खान सर का कहना था कि वे बहुत कम फीस में छात्रों को पढ़ाते हैं और उनके यहां से सबसे ज्यादा रिजल्ट आते हैं, इसी जलन (प्रतिस्पर्धा) की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
ज्ञान बिंदु के रोशन सर गए जेल
खान सर के आरोपों के बाद पटना पुलिस तुरंत एक्शन में आई। अगले ही दिन, यानी 3 जून को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ‘ज्ञान बिंदु’ के संचालक रोशन आनंद (रोशन सर) समेत तीन लोगों को दंगे भड़काने और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने रोशन सर को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में यानी जेल भेज दिया। लगा कि मामला यहीं शांत हो जाएगा, लेकिन असली ट्विस्ट आना अभी बाकी था।
एक वायरल वीडियो और पलट गई पूरी कहानी
तभी सोशल मीडिया पर इस घटना से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो ने पूरी कहानी को उलट कर रख दिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि गोलीबारी ज्ञान बिंदु के लोगों ने नहीं, बल्कि खुद खान सर के सुरक्षा गार्ड्स ने की थी।
पुलिस ने जब दोनों गार्ड्स को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने सच उगल दिया। गार्ड्स ने बताया कि रात को भीड़ देखकर उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूकों से हवा में गोलियां चलाई थीं, लेकिन ऐसा उन्होंने खुद की मर्जी से नहीं बल्कि खान सर के सीधे आदेश (निर्देश) पर किया था।
गार्ड्स के इस बयान के बाद पटना की कदमकुआं थाना पुलिस ने खान सर (फैजल खान) के खिलाफ भी हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस की कई गाड़ियां शुक्रवार की रात खान सर की तलाश में उनके कोचिंग और ठिकानों पर पहुंचीं, लेकिन वे वहां नहीं मिले।
खान सर ने कोर्ट में किया सरेंडर
गिरफ्तारी की बढ़ती आशंका के बीच शनिवार को खान सर खुद पटना की अदालत (सिविल कोर्ट) पहुंचे और कानून के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपने गिरफ्तार गार्ड्स की जमानत के लिए भी कोर्ट में याचिका दायर की। खान सर ने साफ कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
‘कोचिंग वॉर’ के बीच फंसे लाखों छात्र, अब आगे क्या?
इस पूरी जंग की मुख्य वजह बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के हालिया नतीजों को माना जा रहा है, जिसमें दोनों कोचिंग संस्थान खुद को नंबर-1 साबित करने की होड़ में थे। लेकिन इस रंजिश का सबसे बुरा असर उन गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों पर पड़ रहा है जो दूर-दराज के गांवों से आकर यहां पढ़ाई कर रहे हैं।
अब जबकि रोशन सर जेल में हैं और खान सर भी कानूनी चक्रव्यूह में फंस चुके हैं, कोचिंग हब का माहौल पूरी तरह से बदल गया है। छात्रों के मन में डर है कि क्या उनकी क्लासेस समय पर चल पाएंगी? क्या उनका सिलेबस पूरा होगा? जो शिक्षक कल तक बच्चों को सही राह पर चलने की शिक्षा देते थे, आज वे खुद कटघरे में खड़े हैं। अब इस पूरे मामले का अंतिम फैसला अदालत करेगी, लेकिन इस ‘कोचिंग वॉर’ ने शिक्षा के मंदिर को जरूर दागदार कर दिया है।