BNT Desk: बिहार में एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पटना बेउर जेल से बाहर निकले रौशन आनंद ने अपने भाई की मौत को लेकर गंभीर और विस्फोटक आरोप लगाए हैं. अपने भाई के अंतिम संस्कार के लिए सहरसा जा रहे रौशन आनंद ने पत्रकारों से बात करते हुए इस घटना को एक सोची-समझी हत्या करार दिया है. उन्होंने सीधे तौर पर प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ ‘खान सर’ पर साजिश रचने और उन्हें मरवाने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
रौशन आनंद के इन बयानों ने बिहार की राजनीति और अपराध जगत में हलचल मचा दी है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे इस मामले में चुप बैठने वाले नहीं हैं और हर उस नेता का पर्दाफाश करेंगे, जो कथित तौर पर अपराधियों को संरक्षण दे रहा है.
“भाई की हत्या की हो CBI जांच, दोबारा हो पोस्टमार्टम”
रौशन आनंद ने बेहद भावुक होकर कहा कि उन्होंने अपने जिगर का टुकड़ा खोया है, जिसे कोई वापस नहीं लौटा सकता. उन्होंने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए सरकार से सख्त मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो.
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CBI जांच की मांग: रौशन आनंद ने मांग की है कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जानी चाहिए.
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दोबारा पोस्टमार्टम: उन्होंने मांग की है कि एक हाई-लेवल मेडिकल कमेटी बनाई जाए और उनके भाई के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके.
“फैजल खान अपराधी है, साजिश रचता है”
रौशन आनंद ने फैजल खान (खान सर) को लेकर बेहद तीखे तेवर अपनाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि फैजल खान का काम केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे साजिशें रचना है.
रौशन आनंद का बयान: “फैजल खान गुंडा और अपराधी है. उसने ही मेरे भाई पर गोली चलवाई है. मैं उसका रत्ती-रत्ती (एक-एक सच) खोल दूंगा. वह क्या है और कौन से नेता उसे संरक्षण दे रहे हैं, मैं सबका पर्दाफाश करूंगा.”
उन्होंने दावा किया कि फैजल खान को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के पास पर्याप्त समय और साक्ष्य थे, लेकिन इसके बावजूद उसे गिरफ्तार नहीं किया गया.
“जेल के भीतर भी मेरी हत्या की रची गई थी साजिश”
रौशन आनंद ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी सनसनीखेज खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि उन्हें जेल के भीतर भी खत्म करने की कोशिश की गई थी.
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जेल प्रशासन का आभार: उन्होंने माना कि जेल प्रशासन की तत्परता की वजह से ही वह उस हमले में बच पाए.
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धमकाने का आरोप: रौशन आनंद का दावा है कि उन्हें बार-बार ‘मैनेज’ करने की कोशिश की गई. उन्हें धमकियां दी गईं कि यदि वे समझौते के लिए राजी नहीं हुए तो उन्हें बुरा परिणाम भुगतना पड़ेगा. रौशन आनंद ने साफ कहा कि उन्होंने इन धमकियों की परवाह नहीं की, और इसी का नतीजा रहा कि उनके भाई की हत्या कर दी गई.
“मैं सनातनी हिंदू हूं, हमें हिंसा नहीं सिखाई गई”
अपनी बातों को मजबूती देते हुए रौशन आनंद ने खुद को एक ‘सनातनी हिंदू’ बताया. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म हमें किसी को मारना या हिंसा फैलाना नहीं सिखाता है. उन्होंने अपनी लड़ाई को न्याय की लड़ाई बताते हुए कहा कि वे अपराधी को कानून के कठघरे में खड़ा करने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे.
पुलिस की भूमिका पर उठाए सवाल
रौशन आनंद ने बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन फैजल खान की मदद कर रहा है और उसे बचा रहा है. उनका आरोप है कि एक तरफ उन्हें मैनेज करने की कोशिश की गई और दूसरी तरफ साक्ष्यों के बावजूद आरोपी खुला घूम रहा है.
अब रौशन आनंद का यह बयान पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है. सहरसा जाने के दौरान और अंतिम संस्कार के बाद, यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार इस मामले में कोई बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेती है या मामला इसी तरह कानूनी पेचीदगियों में उलझा रहेगा. लोग अब इस पूरे मामले में स्पष्ट जवाब और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.