खान सर और रौशन आनंद की लड़ाई पर बोले पप्पू यादव: “शिक्षा को अखाड़ा मत बनाइए, हाथ जोड़कर मांगता हूँ माफी”

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता पप्पू यादव ने मशहूर शिक्षक खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के रौशन आनंद सर के बीच चल रहे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। पप्पू यादव ने दोनों शिक्षकों के बीच सुलह कराने की कोशिश करते हुए भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को लड़ाई का मैदान नहीं बनाया जाना चाहिए। दोनों ही शिक्षक बिहार और पूरे देश के लिए गौरव हैं। इसके साथ ही पप्पू यादव ने देश की मौजूदा राजनीति, महाराष्ट्र-कर्नाटक के सियासी संकट और पश्चिम बंगाल के ताजा घटनाक्रम पर भी खुलकर अपनी बात रखी।

“खान सर और रौशन सर मेरे दिल के टुकड़े हैं”

पप्पू यादव ने दोनों शिक्षकों के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि हर कोचिंग संस्थान का अपना एक अलग महत्व होता है। खान सर और रौशन आनंद सर दोनों ही हमारे लिए बेहद सम्मानित हैं। ये दोनों शिक्षक बिहार और उत्तर प्रदेश की शान हैं।

पप्पू यादव ने भावुक होते हुए कहा, “खान सर और रौशन सर दोनों मेरे दिल के टुकड़े हैं। अगर किसी से कोई भूल हुई है, तो मैं खुद हाथ-पैर जोड़कर माफी मांगता हूँ। कृपया इस विवाद को यहीं खत्म करें।”

“ज्ञान देने वाले कभी साजिश नहीं रचते”

रौशन आनंद सर का पक्ष लेते हुए पप्पू यादव ने कहा कि उनके जैसे ज्ञानी व्यक्ति से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, “हमें ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि रौशन आनंद सर कोई साजिश करेंगे। जिसके पास इतना ज्ञान हो, वह भला ऐसा काम कैसे कर सकता है?”

वहीं दूसरी तरफ, उन्होंने खान सर से भी खास अपील की। पप्पू यादव ने कहा, “खान सर, मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि आपको ऐसे विवादों से दूर रहना चाहिए। आप एक ग्लोबल टीचर (अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षक) हैं। आपकी पहचान पूरी दुनिया में है।”

जाति के नाम पर राजनीति करने वालों को चेतावनी

पप्पू यादव ने समाज के कुछ लोगों और खास तौर पर यादव समुदाय से सीधे तौर पर अपील की। उन्होंने कहा, “मैं यादव समाज के लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूँ कि समाज को आगे बढ़ने दें, उसे स्थिर होने दें। दोनों शिक्षकों को आपस में मत लड़वाइए।”

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग इन दोनों के बीच दूरियां बढ़ा रहे हैं या विवाद पैदा कर रहे हैं, वे समाज का गलत कर रहे हैं। शिक्षा का कोई धर्म या जाति नहीं होती। कोई भी कोचिंग जाति के भरोसे नहीं चलती और न ही जाति देखकर कोई छात्र पुलिस, दरोगा या आईएएस (IAS) बनता है। यह सब मेहनत और सही शिक्षा से मुमकिन होता है। कुछ लोग जिनकी खुद की कोचिंग नहीं चलती, वे इन दोनों बड़े शिक्षकों को लड़वाकर अपना फायदा देखना चाहते हैं, हमें उनके चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए।

राजनीति पर बरसे: “नेताओं की स्थिति कुत्ता-बिल्ली से भी बदतर”

शिक्षकों के विवाद के बाद पप्पू यादव ने देश और राज्यों की राजनीतिक स्थिति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पार्टी बदलने और बिकने वाले नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि आज के समय में नेताओं की स्थिति कुत्ता-बिल्ली से भी खराब हो चुकी है। जिस तरह से नेता 100-100 करोड़ रुपये में बिक जाते हैं, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने मजाकिया और बेबाक अंदाज में कहा, “पैसा और पद किसे नहीं चाहिए? मुझे भी मंत्री और मुख्यमंत्री बनने का शौक है, लेकिन इस तरह गिरकर नहीं।”

बंगाल संकट पर बोले: ममता बनर्जी और कांग्रेस को एक होना होगा

पप्पू यादव ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और कर्नाटक के पुराने सियासी घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि जो खेल वहां खेला गया था, वही अब दूसरी जगहों पर दोहराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दम पर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी को खत्म करने की बड़ी तैयारी चल रही है।

उन्होंने विपक्ष को एकजुट होने की सलाह देते हुए कहा, “अब समय आ गया है कि ममता बनर्जी, कांग्रेस और हम सभी विपक्षी दलों को एक साथ आ जाना चाहिए। अगर ममता बनर्जी अपनी पार्टी का विलय कांग्रेस में नहीं करती हैं, तो ये लोग लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी को भी तोड़ देंगे।” उन्होंने कहा कि देश में परिसीमन (Delimitation) करवाना ही इनका मुख्य मकसद है।

बंगाल के हालात पर जताई चिंता

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए दलबदल और राजनीतिक उठापटक पर दुख जताते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जितनी जल्दी वहां नेताओं ने पाला बदला है, उतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गद्दारी बताया। पप्पू यादव ने कहा कि बंगाल के मौजूदा हालात को देखते हुए वहां हर कोई डरा हुआ है। इस पूरे मामले में अब देश की अदालतों (कोर्ट) को तुरंत दखल देना चाहिए ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

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