BNT Desk: बिहार की सियासत में इन दिनों उपचुनावों और आगामी राजनीतिक समीकरणों को लेकर हलचल तेज है। इसी बीच चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) के पटना की वीआईपी सीट ‘बांकीपुर’ से उपचुनाव लड़ने की चर्चाएं जोरों पर हैं। इन चर्चाओं पर बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री और जेडीयू (JDU) के वरिष्ठ नेता अशोक चौधरी ने बड़ा बयान दिया है।
अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने की अटकलों को बेहद सामान्य बताते हुए उन पर तीखा तंज कसा है और कहा है कि लोकतंत्र में सबको चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन अंतिम फैसला जनता के हाथ में होता है। आइए जानते हैं अशोक चौधरी के इस बयान और इसके सियासी मायने क्या हैं।
“पॉलिटिकल पार्टी है उनकी, वो भी चुनाव लड़ेंगे”
जब पत्रकारों ने मंत्री अशोक चौधरी से पूछा कि क्या प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं और इस पर जेडीयू की क्या राय है? तो इस पर मुस्कुराते हुए अशोक चौधरी ने कहा:
“बिहार में बहुत से लोग चुनाव लड़ेंगे। अब प्रशांत किशोर जी की भी अपनी एक ऑफिशियल पॉलिटिकल पार्टी (जन सुराज) है। जब पार्टी बनाई है, तो स्वाभाविक है कि वह भी चुनाव लड़ेंगे। इसमें कोई हैरान होने वाली बात नहीं है।”
अशोक चौधरी ने साफ संकेत दिया कि सत्ताधारी गठबंधन (NDA) प्रशांत किशोर को कोई बड़ी चुनौती नहीं मानता और उन्हें एक सामान्य राजनीतिक दल के नेता के रूप में ही देखता है।
विधानसभा चुनाव भी लड़े हैं, उपचुनाव भी लड़ेंगे
प्रशांत किशोर की पार्टी की चुनावी तैयारियों पर बात करते हुए अशोक चौधरी ने याद दिलाया कि जन सुराज ने इससे पहले भी बिहार के चुनावी मैदान में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। उन्होंने कहा कि वे लोग पहले विधानसभा का आम चुनाव भी लड़ चुके हैं और अब जो भी उपचुनाव होने जा रहे हैं, उसमें भी अपनी किस्मत आजमाएंगे।
अशोक चौधरी का इशारा था कि राजनीति में नई पार्टियों का आना-जाना लगा रहता है और केवल चुनाव लड़ लेने भर से कोई बड़ा सियासी बदलाव नहीं आ जाता।
“पराजित जो जनता करेगी…” जेडीयू मंत्री का सीधा तंज
अपने बयान के आखिरी हिस्से में अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी पर सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कोई भी नेता या पार्टी चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है, लेकिन जीत और हार का फैसला कोई नेता खुद तय नहीं कर सकता।
जनता की अदालत: अशोक चौधरी ने तंज कसते हुए कहा, “मैदान में जो भी आए, कोई फर्क नहीं पड़ता। आखिरकार पराजित तो जनता ही करेगी। बिहार की जनता सब देख रही है और वह जानती है कि किसे चुनना है और किसे नकारना है।”
जेडीयू नेता के इस बयान से साफ है कि एनडीए को बिहार की जनता पर पूरा भरोसा है और वे जन सुराज के चुनावी मैदान में आने से बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं।
बांकीपुर सीट पर क्यों टिकी हैं सबकी निगाहें?
दरअसल, पटना का बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल और वीआईपी सीटों में से एक माना जाता है। इस सीट पर शहरी और शिक्षित मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि प्रशांत किशोर खुद इस सीट से चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो यहां मुकाबला बेहद त्रिकोणीय और दिलचस्प हो जाएगा। यही कारण है कि जेडीयू और बीजेपी समेत तमाम विरोधी दल अभी से प्रशांत किशोर की हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और उनके बयानों पर पलटवार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि अशोक चौधरी के इस तंज पर जन सुराज या प्रशांत किशोर की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।