BNT Desk: बिहार के दानापुर रेल डिवीजन के अंतर्गत आने वाले झाझा रेलवे स्टेशन से कानून और इंसानियत को ताक पर रखने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां टिकट चेकिंग के नाम पर एक रेलवे यात्री के साथ न सिर्फ बदसलूकी की गई, बल्कि कमरे में बंद कर उसकी बेरहमी से पिटाई भी की गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित यात्री किसी दूसरी ट्रेन का टिकट लेकर हमसफर एक्सप्रेस में यात्रा कर रहा था। झाझा स्टेशन पर टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई (TTE) ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद यात्री को स्टेशन परिसर में स्थित एक कार्यालय (ऑफिस) के अंदर ले जाया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बंद कमरे में टीटीई द्वारा यात्री की बेरहमी से पिटाई की जा रही है। हद तो तब हो गई जब ऑफिस में मौजूद अन्य रेल कर्मियों द्वारा पीड़ित यात्री से उसकी जाति पूछी जाने लगी और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस दौरान यात्री से जुर्माना भी वसूला जा रहा था।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुआ, लोगों का गुस्सा भड़क उठा। यूजर्स ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा और यात्रियों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े किए। वीडियो में दिख रही संवेदनहीनता को देखकर रेल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और आनन-फानन में मामले का संज्ञान लिया गया।
रेल प्रशासन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर रेल डिवीजन के सीनियर डीसीएम (Sr. DCM) अभिनव सिद्धार्थ ने तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की प्रारंभिक जांच कराई गई है।
“एक वीडियो हमारे संज्ञान में आया है जिसमें टिकट चेकिंग स्टाफ एक यात्री के साथ मारपीट करता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, जांच में यह बात सामने आई है कि यह वीडियो लगभग 2 साल पुराना है, लेकिन रेल प्रशासन किसी भी परिस्थिति में यात्रियों के साथ इस तरह के अमानवीय व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा। जिस टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) ने यात्री के साथ मारपीट और बदतमीजी की है, उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।”
— अभिनव सिद्धार्थ, सीनियर डीसीएम, दानापुर रेल डिवीजन
जाति पूछने और अन्य कर्मियों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
सीनियर डीसीएम ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी यात्री से उसकी जाति पूछना और उसके आधार पर या टिकट के नाम पर मारपीट करना एक गंभीर अपराध है। रेलवे का मुख्य कर्तव्य यात्रियों को हर संभव सुविधा और सुरक्षा देना है, न कि उनके साथ हिंसा करना।
वीडियो में मुख्य आरोपी टीटीई के अलावा और भी कई लोग ऑफिस में बैठे दिखाई दे रहे हैं, जो मूकदर्शक बने हुए हैं या विवाद में शामिल हैं। रेल प्रशासन ने इन सभी की पहचान करने के लिए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। सीनियर डीसीएम ने आश्वासन दिया है कि जांच रिपोर्ट आते ही वीडियो में दिख रहे अन्य दोषी रेल कर्मियों के खिलाफ भी सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल
भले ही यह वीडियो पुराना बताया जा रहा हो, लेकिन इसने रेलवे विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। बिना टिकट या गलत टिकट पर यात्रा करना नियम के खिलाफ है और इसके लिए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन कानून किसी भी रेलकर्मी को यात्री पर हाथ उठाने या उसे प्रताड़ित करने का अधिकार नहीं देता। फिलहाल, इस त्वरित निलंबन की कार्रवाई से रेल प्रशासन ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि यात्रियों के सम्मान के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।