बिहार: सम्राट चौधरी का ’48 घंटे’ वाला अल्टीमेटम शुरू; जहानाबाद से पटना तक 5 दिन में 6 बड़े एनकाउंटर

BiharNewsAuthor
7 Min Read

BNT Desk: बिहार में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह पटरी पर लाने और आम नागरिकों को भयमुक्त माहौल देने के लिए राज्य की पुलिस अब बेहद आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा पुलिस महकमे को दिए गए सख्त संदेश के बाद जमीनी स्तर पर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा और अभूतपूर्व अभियान छेड़ दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान पुलिस अधिकारियों को खुली छूट देते हुए स्पष्ट कहा था कि कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है और पुलिस बल को बिना किसी हिचकिचाहट के सख्त कदम उठाने होंगे।

‘आप सुशासन लाएं, आपके परिवार की चिंता सरकार करेगी’

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें एक अभिभावक की तरह आश्वस्त किया। उन्होंने पुलिस बल से सीधा संवाद करते हुए कहा:

मुख्यमंत्री की खुली घोषणा: “मेरा पुलिस बल से यह साफ आग्रह है कि आप राज्य में सुशासन और कानून का राज स्थापित कीजिए। ड्यूटी के दौरान आपके परिवार की जो भी चिंताएं या जरूरतें होंगी, उनकी जिम्मेदारी हमारी सरकार उठाएगी। लेकिन, यदि कोई अपराधी या माफिया पुलिस की वर्दी को चुनौती देने की धृष्टता करता है, तो उसे अगले 48 घंटे के भीतर पुलिस की तरफ से ऐसा करारा जवाब मिलना चाहिए कि उसकी आने वाली पीढ़ियां भी अपराध करने से कांपें। पुलिस का काम सुशासन लाना और अपराधियों पर सख्ती बरतना दोनों है।”

महज 5 दिनों में 6 एनकाउंटर

मुख्यमंत्री के इस बयान को पुलिस के लिए ‘फ्री हैंड’ यानी खुली छूट के रूप में देखा जा रहा है। इसका सीधा और खौफनाक असर बिहार की सड़कों पर दिखने लगा है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की कमान संभालते ही महज पांच दिनों के भीतर बिहार पुलिस ने अलग-अलग जिलों में छह बड़े एनकाउंटर (मुठभेड़) को अंजाम दिया है। इनमें से दो बड़ी घटनाएं खुद राजधानी पटना की हैं, जहां पुलिस ने अपराधियों को उनके सही ठिकाने पर पहुंचाया है।

जहानाबाद से लेकर पटना तक पुलिस की तड़ातड़ कार्रवाई

पुलिस और अपराधियों के बीच हुई हालिया मुठभेड़ों का सिलसिला काफी लंबा है, जिसने अपराधियों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है:

  • जहानाबाद का ताजा मामला (21 मई): दीपक कुमार हत्याकांड के मुख्य और कुख्यात आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ रावण को पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए ले गई, तो उसने भागने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली सीधे उसके पैर में लगी और वह धराशायी हो गया।

  • पटना में कार्रवाई (19 मई): राजधानी पटना में एक शिक्षक से लूटपाट और उन पर गोलीबारी करने के शातिर आरोपी संदीप उर्फ बादल को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया। मौके से उसके एक अन्य साथी प्रिंस को भी दबोचा गया।

  • सीएमएस वैन लूटकांड: इसी दिन पटना पुलिस ने करोड़ों की सीएमएस वैन लूटकांड के एक अन्य मुख्य आरोपी को भी मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली मारकर दबोचा।

  • समस्तीपुर, सिवान और किशनगंज (20-21 मई): 20 मई को समस्तीपुर में एक खूंखार लुटेरे के पैर में गोली लगी। वहीं सिवान में करोड़ों के सोना लूटकांड के मुख्य आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों घुटनों में गोली मारकर लंगड़ा कर दिया। किशनगंज में भी एक सक्रिय बाइक चोर गिरोह के सदस्य को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार किया।

 

खौफ का ऐसा मंजर: अपराधी ने हथियार गंगा में बहाए

लगातार हो रही इन पुलिसिया कार्रवाइयों और एनकाउंटरों का असर अब बिहार के जरायम जगत (अपराध की दुनिया) में साफ तौर पर दिखने लगा है। अपराधियों के भीतर पुलिस की गोली का खौफ इस कदर बैठ गया है कि वे अब अपराध से तौबा करने लगे हैं।

अंदरूनी सूत्रों से मिली एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली जानकारी के अनुसार, पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से डरे एक नामी अपराधी ने एनकाउंटर से बचने के लिए बाकायदा अपने घर पर पंडित बुलाकर विशेष पूजा-अर्चना करवाई। पूजा संपन्न होने के बाद उस अपराधी ने पुलिस के हत्थे चढ़ने और पैर में गोली खाने के डर से अपने सभी अवैध आधुनिक हथियार चुपचाप ले जाकर गंगा नदी में प्रवाहित (बहा) दिए, ताकि पुलिस को उसके पास से कुछ न मिले।

प्रमुख एनकाउंटर्स की पूरी लिस्ट

बिहार पुलिस द्वारा अपराधियों के सफाए के लिए चलाई जा रही इस विशेष मुहिम के तहत हाल ही में हुए बड़े एनकाउंटर निम्नलिखित हैं:

  • 22 अप्रैल: पटना ज्वेलरी शॉप लूटकांड का मुख्य आरोपी दिलीप कुमार पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल।

  • 29 अप्रैल: भागलपुर नगर परिषद कार्यालय के कार्यपालक अधिकारी की हत्या का मुख्य आरोपी रामधनी यादव एनकाउंटर में ढेर।

  • 30 अप्रैल: चर्चित हर्ष हत्याकांड का मुख्य आरोपी छोटू यादव पुलिस की गोली से घायल।

  • 3 मई: भाजपा नेता के सगे भांजे की हत्या के मामले में वांटेड सोनू यादव पुलिस मुठभेड़ में घायल।

  • 13 मई: बिहटा इलाके के दो कुख्यात अपराधी विदेशिया और पप्पू राय पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में गोली लगने से गिरफ्तार।

  • 18 मई: अगमकुआं भीषण लूटकांड का मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में घायल।

 

इन लगातार हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय ने यह साफ और कड़ा संकेत दे दिया है कि अब सूबे में अपराधियों के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं बची है। सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ के मूड में है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने वाला है।

Share This Article