BNT Desk: बिहार की आधी आबादी यानी महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में राज्य की सम्राट चौधरी सरकार एक बहुत बड़ा कदम उठाने जा रही है। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत लाभुक महिलाओं के खातों में बहुत जल्द ही दूसरी किस्त की राशि ट्रांसफर की जाएगी।
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने इस बात की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को नया रोजगार शुरू करने या पुराने काम को बढ़ाने के लिए दूसरी किस्त के रूप में 20,000 रुपये की राशि इसी महीने (मई 2026) उनके बैंक खातों में सीधे (DBT के माध्यम से) भेज दी जाएगी। सरकार ने इसके लिए अपनी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
सम्राट सरकार में 5 किस्तों में मिलेंगे ₹2 लाख
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने योजना की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने का यह ऐतिहासिक फैसला नीतीश कुमार के कार्यकाल में ही ले लिया गया था। अब मौजूदा एनडीए (NDA) सरकार इस योजना को और बड़े पैमाने पर आगे बढ़ा रही है।
इस योजना के तहत महिलाओं को अपना खुद का काम शुरू करने के लिए किस्तों में कुल 2 लाख रुपये की बड़ी आर्थिक सहायता दी जा रही है। मंत्री ने पैसे मिलने के पूरे क्रम (किस्तवार विवरण) को साझा किया, जो इस प्रकार है:
| किस्त (Installment) | मिलने वाली राशि (रुपये में) | वर्तमान स्थिति / लक्ष्य |
| पहली किस्त | ₹10,000 | 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को मिल चुकी है |
| दूसरी किस्त | ₹20,000 | इसी महीने (मई 2026) खातों में भेजी जाएगी |
| तीसरी किस्त | ₹40,000 | दूसरी किस्त के बाद प्रक्रिया शुरू होगी |
| चौथी किस्त | ₹80,000 | क्रमवार तरीके से सीधे खाते में जाएगी |
| पांचवीं किस्त | ₹60,000 | अंतिम चरण में महिलाओं को मिलेगी |
अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को मिला लाभ
बिहार में एनडीए सरकार अब तक राज्य की 1 करोड़ 56 लाख से अधिक महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपये की राशि दे चुकी है। इस प्रकार सरकार अब तक कुल 15,600 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि महिलाओं के स्वरोजगार के लिए जारी कर चुकी है।
2 करोड़ का लक्ष्य और पीएम मोदी की शुरुआत: विधानसभा चुनाव के समय एनडीए ने राज्य की 2 करोड़ महिलाओं को इस योजना से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा था, जिसके बेहद करीब सरकार पहुंच चुकी है। आपको याद दिला दें कि इस योजना की भव्य शुरुआत 26 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद 75 लाख महिलाओं के खाते में 7500 करोड़ रुपये ट्रांसफर करके की थी।
शहरी क्षेत्र की 18 लाख महिलाओं को भी मिलेंगे ₹10,000
ग्रामीण विकास मंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के साथ-साथ शहरी क्षेत्र की महिलाओं के लिए भी बड़ा एलान किया है। उन्होंने बताया कि शहरी इलाकों में रहने वाली करीब 18 लाख महिलाओं (जिन्हें आजीविका दीदी योजना से जोड़ा गया है) के आवेदनों और दस्तावेजों की स्क्रूटनी (जांच) पूरी हो चुकी है।
इन सभी जांची गई 18 लाख पात्र महिलाओं को भी आने वाले दिनों में पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। इसके बाद इन्हें भी आगे की किस्तों का लाभ मिलेगा।
क्या हैं शर्तें? क्या वापस ली जाएगी यह राशि?
इस योजना के नियमों को लेकर सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। पहली किस्त के रूप में जो 10,000 रुपये महिलाओं को दिए गए थे, वह पूरी तरह सहायता राशि थी और उसे महिलाओं से वापस नहीं लिया जाएगा।
हालांकि, दूसरी किस्त को लेकर एक विशेष नियम बनाया गया है। जब इस महीने महिलाओं को 20,000 रुपये की दूसरी किस्त दी जाएगी, तो उसमें महिलाओं को अपनी तरफ से भी 5,000 रुपये का अंशदान (योगदान) लगाना होगा, ताकि रोजगार को और गंभीरता से किया जा सके। सरकार अब इस बात की समीक्षा करने की रूपरेखा भी तैयार कर रही है कि इन राशियों की रिकवरी (वसूली) या मॉनिटरिंग के लिए क्या कानूनी प्रावधान किए जाएं।
योजना पर छिड़ा सियासी घमासान
इस बड़ी घोषणा के बाद बिहार की सियासत में तीखे बयानों का दौर भी शुरू हो गया है। विपक्ष इसे केवल ‘चुनावी वादों की राजनीति’ बताकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। इसके जवाब में मंत्री श्रवण कुमार ने विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को बार-बार सवाल उठाने या घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि एनडीए सरकार अपने हर वादे को जमीन पर उतार रही है।
इसके साथ ही मंत्री ने कानून-व्यवस्था और जातिगत राजनीति पर बयान देने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपराध की कोई जाति नहीं होती, अपराधी सिर्फ अपराधी होता है और पुलिस निष्पक्ष होकर अपना काम कर रही है। बहरहाल, करोड़ों महिलाओं के लिए यह महीना बेहद खास होने वाला है क्योंकि उनके खातों में सीधे पैसे आने वाले हैं।