BNT Desk: बिहार में शिक्षक बहाली प्रक्रिया (TRE-4) के नोटिफिकेशन को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा और प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक युवा अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। इस बढ़ते जनाक्रोश और अभ्यर्थियों के चौतरफा दबाव के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर आज ही शाम 5 बजे एक आपातकालीन उच्चस्तरीय (हाई लेवल) समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक के आयोजन की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमों में हलचल तेज हो गई है, वहीं दूसरी ओर नौकरी की आस लगाए बैठे लाखों अभ्यर्थियों की नजरें भी इस बैठक पर टिक गई हैं।
हाई लेवल मीटिंग का एजेंडा और शामिल होने वाले दिग्गज
यह बैठक मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित होने जा रही है, जिसमें सरकार के कई बड़े चेहरे और आला अधिकारी शिरकत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग मौजूद रहेंगे:
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (बैठक की अध्यक्षता करेंगे)
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शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव
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मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारी और विभाग के अन्य उच्चाधिकारी।
इस बैठक का मुख्य एजेंडा शिक्षक बहाली प्रक्रिया में आ रही अड़चनों को दूर करना और TRE-4 के नोटिफिकेशन को हरी झंडी देना है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री खुद इस पूरी प्रक्रिया की कमान संभाल रहे हैं ताकि युवाओं के बीच व्याप्त भ्रम और असंतोष की स्थिति को तुरंत समाप्त किया जा सके।
मुख्यमंत्री मांगेंगे जवाब
सचिवालय से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ वन-टू-वन समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांग सकते हैं:
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पदों का विषयवार ब्योरा: किस जिले में, किस विषय के शिक्षकों के कितने पद खाली हैं, इसकी पूरी सूची।
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नोटिफिकेशन में देरी का कारण: भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी करने में अब तक क्या तकनीकी या प्रशासनिक अड़चनें आईं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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संभावित परीक्षा कैलेंडर: परीक्षा के आयोजन से लेकर रिजल्ट जारी करने तक का एक स्पष्ट और पारदर्शी टाइमलाइन या कैलेंडर तैयार करना।
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए ताकि भविष्य में परीक्षा को लेकर किसी भी प्रकार का विवाद या कानूनी अड़चन पैदा न हो।
क्यों बढ़ा सरकार पर दबाव?
पिछले कई दिनों से राजधानी पटना समेत बिहार के विभिन्न जिलों में शिक्षक अभ्यर्थी लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार बार-बार सिर्फ आश्वासन दे रही है, लेकिन धरातल पर कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है।
लाखों योग्य युवा परीक्षा की तैयारी पूरी करके बैठे हैं, लेकिन आधिकारिक विज्ञापन (Notification) जारी न होने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ‘TRE-4 Notification’ लगातार ट्रेंड कर रहा है। युवाओं के इस डिजिटल और जमीनी आंदोलन ने सरकार को इस विषय पर त्वरित कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है।
जिलों से मांगी गई रिक्तियों की रिपोर्ट
शिक्षा विभाग के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि विभाग पिछले काफी समय से विभिन्न जिलों से खाली पड़े पदों (रिक्तियों) का आंकड़ा जुटाने में लगा हुआ है।
ताजा अपडेट: बिहार के अधिकांश जिलों ने अपने-अपने क्षेत्रों से खाली पदों का ब्योरा मुख्यालय को भेज दिया है। हालांकि, कुछ गिने-चुने जिलों से अभी भी अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है। विभाग इन बचे हुए जिलों पर लगातार दबाव बना रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जैसे ही सभी जिलों का एकीकृत (कंसोलिडेटेड) आंकड़ा तैयार हो जाएगा, वैसे ही TRE-4 का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। आज की बैठक में मुख्यमंत्री इन सुस्त जिलों के खिलाफ भी सख्त रुख अपना सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
बिहार के राजनीतिक हलकों में भी आज शाम होने वाली इस बैठक को बेहद अहम और निर्णायक माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए बैठक के तुरंत बाद कोई सकारात्मक और बड़ी घोषणा कर सकते हैं। यदि बैठक में सभी अधिकारी और मंत्री एकमत होते हैं, तो शिक्षा विभाग को आज ही या अगले 24 घंटे के भीतर नोटिफिकेशन की तारीखों का ऐलान करने का निर्देश दिया जा सकता है।
अब देखना यह होगा कि आज शाम 5 बजे होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक से क्या नतीजा निकलता है। क्या शिक्षक अभ्यर्थियों का लंबा इंतजार खत्म होगा? युवाओं को पूरी उम्मीद है कि सरकार उनके संघर्ष को समझेगी और नए साल के इस दौर में उन्हें रोजगार का बड़ा अवसर देगी।