पटना: TRE 4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज; विज्ञापन की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्र, कई घायल

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BNT Desk: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर रणक्षेत्र बन गई है। BPSC TRE 4 (शिक्षक नियुक्ति परीक्षा चरण-4) के विज्ञापन में हो रही देरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं। इस लाठीचार्ज में कई छात्र गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं। अभ्यर्थियों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अब तक बहाली की प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

जब पुलिस और छात्र आए आमने-सामने

गुरुवार को पटना का जेपी गोलंबर छात्रों के हुजूम से पट गया था। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे अभ्यर्थियों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

  • बल प्रयोग: भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

  • भगदड़ की स्थिति: लाठियां चलते ही प्रदर्शनकारियों में भगदड़ मच गई। छात्र गिरते-पड़ते गलियों में भागते नजर आए।

  • चोटिल छात्र: कई छात्रों के सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।

छात्र नेता दिलीप का आरोप

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार ने सरकार और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि BPSC लगातार झूठ बोलकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है।

“परीक्षा नियंत्रक ने खुद कहा था कि 19 अप्रैल को विज्ञापन आएगा और 25 अप्रैल से फॉर्म भरे जाएंगे। आज 8 मई हो गई, लेकिन विज्ञापन का कोई पता नहीं है। 13 लाख अभ्यर्थी मानसिक तनाव में हैं, और जब हम हक मांगते हैं, तो हमें लाठियां मिलती हैं।”

46,882 पदों पर होनी है नियुक्ति

शिक्षक भर्ती के इस चौथे चरण में कुल 46,882 पदों पर बहाली की योजना है। यह भर्ती मुख्य रूप से चार विभागों में की जाएगी:

  1. शिक्षा विभाग

  2. पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

  3. अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग

  4. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

परीक्षा की संभावित तिथि और छात्रों की चिंता

आयोग के पुराने कैलेंडर के अनुसार, इस परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर के बीच होने की संभावना है। छात्रों का तर्क है कि यदि विज्ञापन में इसी तरह देरी होती रही, तो समय पर परीक्षा कराना संभव नहीं होगा। देरी का सीधा असर छात्रों की तैयारी और उनकी उम्र सीमा (Age Limit) पर पड़ रहा है।

प्रशासन का रुख

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने और यातायात बाधित करने की कोशिश की थी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जेपी गोलंबर और उसके आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

बिहार की सियासत में गर्माया मुद्दा

TRE 4 विज्ञापन को लेकर हुआ यह बवाल अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। एक तरफ जहां सरकार रोजगार देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विज्ञापन की मांग कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज ने विपक्ष को हमला करने का मौका दे दिया है। अब देखना यह है कि इस ‘लाठीतंत्र’ के बाद क्या BPSC जल्द विज्ञापन जारी करता है या छात्रों का यह संघर्ष और लंबा खिंचेगा।

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