BNT Desk: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार आगामी 7 मई को होने जा रहा है। यह समारोह राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा, जिसे लेकर सियासी हलचलें तेज हो गई हैं।
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस खबर की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि बिहार सरकार अपने नए स्वरूप में आने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गांधी मैदान में होगा भव्य शक्ति प्रदर्शन
आमतौर पर शपथ ग्रहण समारोह राजभवन के भीतर आयोजित किए जाते हैं, लेकिन सम्राट कैबिनेट का यह विस्तार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने जा रहा है। यह केवल एक शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि एनडीए (NDA) का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के सभी गेट आम जनता के लिए बंद कर दिए गए हैं। युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं ताकि 7 मई को होने वाले इस विशाल आयोजन में कोई कमी न रहे।
मोदी, शाह और नड्डा होंगे शामिल
इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे खास बात इसमें शामिल होने वाले चेहरे हैं। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, इस कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, नितिन नवीन और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शिरकत करेंगे। केंद्र और राज्य के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि 2026 और आने वाले चुनावों के मद्देनजर यह कैबिनेट विस्तार बीजेपी और एनडीए के लिए कितना महत्वपूर्ण है।
27 मंत्रियों का शपथ ग्रहण: किसका पलड़ा भारी?
7 मई को होने वाले इस विस्तार में कुल 27 मंत्री शपथ लेंगे। नई कैबिनेट के स्वरूप को लेकर जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार एनडीए के सभी घटक दलों को साधने की कोशिश की गई है। सीटों का समीकरण कुछ इस प्रकार है:
| पार्टी | मंत्रियों की संख्या |
| भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 12 |
| जनता दल यूनाइटेड (JDU) | 11 |
| लोक जनशक्ति पार्टी-रामविलास (LJP-R) | 02 |
| हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) | 01 |
| राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) | 01 |
इस बंटवारे में बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में नजर आ रही है, वहीं चिराग पासवान की पार्टी और जीतन राम मांझी की पार्टी को भी कैबिनेट में सम्मानजनक स्थान दिया गया है। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी (RLM) को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
6 मई को अहम कैबिनेट बैठक
शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले, यानी 6 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में वर्तमान सरकार के कुछ बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है और शपथ ग्रहण समारोह की अंतिम रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस बैठक के ठीक अगले दिन नई टीम मैदान में उतर जाएगी।
सियासी समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन
सम्राट चौधरी की इस नई टीम में जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। बीजेपी और जेडीयू का लक्ष्य है कि आने वाले समय में विपक्ष (आरजेडी) के हमलों को कमजोर किया जाए और प्रशासन में तेजी लाई जाए। 27 मंत्रियों की इस नई फौज के जरिए बिहार के विकास कार्यों को गति देने और चुनावी वादों को पूरा करने की जिम्मेदारी अब इन कंधों पर होगी।
बिहार में नई शुरुआत
7 मई को गांधी मैदान से निकलने वाली गूंज बिहार की राजनीति की अगली दिशा तय करेगी। क्या यह नई कैबिनेट बिहार की जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी? क्या बीजेपी और जेडीयू का यह तालमेल विपक्ष के ‘पप्पू’ वाले नैरेटिव को ध्वस्त कर पाएगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले समय में मिलेंगे। फिलहाल, पटना की नजरें गांधी मैदान पर टिकी हैं।