BNT Desk: बिहार की राजनीति में बहुमत साबित करने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब आध्यात्मिक और विकास कार्यों की राह पर निकल पड़े हैं। मुख्यमंत्री का पद संभालने और फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल करने के बाद, सम्राट चौधरी आज अपनी पहली बड़ी आधिकारिक यात्रा पर माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी के लिए रवाना हो गए हैं। उनकी यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संवारने के संकल्प के रूप में देखी जा रही है।
पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान
शनिवार दोपहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना से विशेष हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीतामढ़ी के लिए रवाना हुए। इस महत्वपूर्ण दौरे पर उनके साथ बिहार भाजपा के दिग्गज नेता और प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी मौजूद हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल प्रशासनिक लिहाज से, बल्कि राजनीतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजधानी से रवाना होते समय उनके चेहरे पर जीत का आत्मविश्वास और भक्ति का भाव साफ नजर आया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जय श्रीराम और जय जानकी के नारों के साथ उन्हें विदा किया।
पुनौरा धाम में ‘महारुद्राभिषेक’ और विशेष पूजा
सीतामढ़ी पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री का सबसे पहला पड़ाव पुनौरा धाम होगा। मान्यता है कि यहीं माता सीता का प्राकट्य हुआ था।
-
आशीर्वाद की कामना: मुख्यमंत्री यहाँ माता जानकी के चरणों में मत्था टेकेंगे और बिहार की सुख-शांति व समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।
-
भक्ति और शक्ति: जानकी नवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री का यहाँ आना एक बड़ा संदेश है कि नई सरकार विकास के साथ-साथ अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता देगी।
मंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा
पुनौरा धाम को अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर एक भव्य पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्यमंत्री यहाँ केवल पूजा ही नहीं करेंगे, बल्कि अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी करेंगे।
बैठक के मुख्य बिंदु:
-
निर्माण की प्रगति: मंदिर और उसके आसपास चल रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेंगे।
-
गुणवत्ता और समय: मुख्यमंत्री का निर्देश है कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
-
सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, दर्शन और आवागमन की सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने पर चर्चा होगी।
सीतामढ़ी महोत्सव का भव्य शुभारंभ
धार्मिक अनुष्ठानों और समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री राजकीय सीतामढ़ी महोत्सव (जानकी नवमी महोत्सव) के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। यह महोत्सव बिहार की कला, संस्कृति और परंपरा का संगम है। मुख्यमंत्री यहाँ दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ करेंगे और जनता को संबोधित करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि वे सीतामढ़ी के विकास के लिए कुछ नई घोषणाएं भी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री का शेड्यूल और वापसी
मुख्यमंत्री का सीतामढ़ी दौरा काफी व्यस्त रहने वाला है। तय कार्यक्रम के अनुसार, दिन भर की गतिविधियों, जनसभा और समीक्षा बैठक को संपन्न करने के बाद, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शाम 4:40 बजे सीतामढ़ी से पटना के लिए पुनः प्रस्थान करेंगे। शाम तक उनके पटना वापस लौटने की संभावना है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
सत्ता संभालने के तुरंत बाद जानकी की शरण में जाने के सम्राट चौधरी के इस कदम को लोग उनकी ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के साथ होने से यह भी स्पष्ट है कि सरकार और संगठन दोनों मिलकर बिहार के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक रोडमैप तैयार कर चुके हैं।
सम्राट चौधरी का यह सीतामढ़ी दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि बिहार की नई सरकार विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर चलेगी। पुनौरा धाम का कायाकल्प न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।