BNT Desk: इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष बुधवार को एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया। इजराइली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजराइल ने ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर इस्माइल खातिब को निशाना बनाया है। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले में इस्माइल खातिब की मौत हुई है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक इजराइली एयरस्ट्राइक में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस बीच अमेरिका ने भी ईरानी मिसाइल ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है।
कौन हैं इस्माइल खातिब, क्यों हैं निशाने पर
इस्माइल खातिब ईरान के इंटेलिजेंस मिनिस्टर हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विवादित शख्सियत माने जाते हैं। अमेरिका ने साल 2022 में उन पर साइबर हमलों और मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाते हुए कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे। अमेरिका का आरोप था कि खातिब ईरान की खुफिया गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं और कई विवादित ऑपरेशनों से सीधे जुड़े रहे हैं। ऐसे में इजराइल द्वारा उन्हें निशाना बनाया जाना इस युद्ध में एक नई और बेहद संवेदनशील कड़ी जोड़ता है।
एक दिन पहले मारे गए थे सिक्योरिटी चीफ और बसीज कमांडर
इस्माइल खातिब पर हमले से ठीक एक दिन पहले सोमवार की रात इजराइल ने ईरान के सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी और बसीज कमांडर गुलामरेजा सुल्तानी को निशाना बनाया था। उस हमले में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हो गई थी। इन हत्याओं के बाद ईरान ने बदले की कार्रवाई करते हुए मंगलवार की रात इजराइल की राजधानी तेल अवीव समेत 100 से अधिक ठिकानों पर मिसाइल हमला किया। ईरान ने साफ कहा कि यह हमला लारीजानी, उनके बेटे और बसीज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी की मौत का बदला है।
अमेरिका ने गिराया 2200 किलो का खतरनाक बम
ईरान के मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने भी कड़ा एक्शन लिया। अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की कोशिश में समुद्र किनारे बने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर करीब 2200 किलोग्राम वजनी बेहद खतरनाक बम गिराया। यह बम इतना शक्तिशाली है कि जमीन के अंदर बने बंकरों और ठिकानों को भी पूरी तरह तबाह कर देता है। अमेरिका की इस कार्रवाई से संघर्ष का दायरा और व्यापक होने की आशंका बढ़ गई है।
भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ सुरक्षित पहुंचा गुजरात
इस तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत की खबर भी आई। भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात के मुंद्रा स्थित अडाणी पोर्ट्स पर सुरक्षित पहुंच गया। यह जहाज UAE के फुजैराह पोर्ट से होर्मुज स्ट्रेट पार करते हुए भारत आया। जहाज पर लगभग 80,886 मीट्रिक टन यानी करीब 5.8 से 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है। उल्लेखनीय है कि भारत में हर रोज लगभग 5.5 से 5.6 मिलियन बैरल यानी करीब 90 करोड़ लीटर तेल की खपत होती है। होर्मुज स्ट्रेट पर जारी तनाव के बीच इस जहाज का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए राहत की बात है।
ईरान की कमान कौन संभालेगा? ये 5 नाम सबसे आगे
इस युद्ध में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी समेत ईरान के कई बड़े नेता मारे जा चुके हैं। ऐसे में ईरान की सर्वोच्च कमान संभालने को लेकर जोरदार अटकलें चल रही हैं। इस समय पांच नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
मुजतबा खामेनेई को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। पूर्व सुप्रीम लीडर के बेटे मुजतबा को 8-9 मार्च 2026 को विशेषज्ञों की एक बैठक में नया सुप्रीम लीडर घोषित किया जा चुका है। हालांकि हाल के दिनों में वे सार्वजनिक रूप से कम नजर आए हैं, लेकिन आर्थिक और रणनीतिक मामलों में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है।
राष्ट्रपति मसूद पजश्कियान युद्ध और संकट के इस दौर में देश का प्रशासन संभाल रहे हैं और अस्थायी रूप से शीर्ष नेता की भूमिका में हैं।
अहमद वाहिदी रेवोल्यूशनरी गार्ड यानी IRGC से जुड़े वरिष्ठ नेता हैं। सेना और सुरक्षा मामलों में उनका व्यापक अनुभव उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।
मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ईरानी संसद के स्पीकर हैं और पहले IRGC कमांडर रह चुके हैं। सरकार के बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है।
इस्माइल कानी कुद्स फोर्स के प्रमुख हैं और विदेशों में ईरान के सैन्य ऑपरेशनों की रणनीति संभालते हैं। युद्धकाल में उनकी भूमिका और महत्व और भी बढ़ जाता है।
आगे क्या होगा?
इजराइल-ईरान के बीच यह संघर्ष तेजी से एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेता जा रहा है। अमेरिका की सीधी सैन्य भागीदारी ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव से वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका है। दुनिया भर के देश इस स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं और शांति की अपील कर रहे हैं। लेकिन जमीनी हालात बताते हैं कि फिलहाल युद्धविराम की संभावना बेहद कम है।