बिहार को आज मिलेगा नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन लेंगे शपथ, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई बड़े नेता रहेंगे मौजूद

सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन आज पटना में बिहार के नए राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। लोक भवन में सुबह 11 बजे होने वाले समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई मंत्री और अधिकारी मौजूद रहेंगे। पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन उन्हें शपथ दिलाएंगे।

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BNT Desk: बिहार को आज नया राज्यपाल मिलने जा रहा है। सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन आज पटना में राज्यपाल पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना के लोक भवन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू होगा। इस समारोह में राज्य के कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा समेत कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी इस मौके पर शामिल होंगे।

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दिलाएंगे शपथ

राज्यपाल पद की शपथ पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन दिलाएंगे। शपथ लेने के बाद सैयद अता हसनैन आधिकारिक रूप से बिहार के नए राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे। आजादी के बाद वह बिहार के 43वें राज्यपाल होंगे। उनके राज्यपाल बनने के साथ ही बिहार को एक ऐसा प्रशासक मिलेगा, जिसके पास लंबे समय का सैन्य और रणनीतिक अनुभव है।

गुरुवार को ही पटना पहुंच गए थे हसनैन

सैयद अता हसनैन गुरुवार को ही पटना पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे राजभवन पहुंचे और वहां से आज के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।

सेना में लंबा और अहम अनुभव

सैयद अता हसनैन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायर हो चुके हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्हें एक कुशल रणनीतिकार और मजबूत नेतृत्व क्षमता वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने देश की सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील क्षेत्रों में काम किया और सेना में अपने योगदान से खास पहचान बनाई। सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर उनकी गहरी समझ मानी जाती है।

राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी

अब सैयद अता हसनैन बिहार के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का फायदा राज्य को भी मिलेगा और प्रशासनिक कामकाज में नई ऊर्जा देखने को मिल सकती है।

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