पटना: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती, निगरानी विभाग ने अधिकारी के घर और ऑफिस खंगाले, डीजीएम पंकज कुमार पर FIR

पटना में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने BMSICL के डीजीएम पंकज कुमार के ठिकानों पर छापा मारा है। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। जांच में करीब 96 लाख रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। उनके घर और कार्यालय में दस्तावेजों की जांच जारी है।

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BNT Desk: राजधानी पटना से एक बड़ी खबर सामने आई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि अधिकारी ने अपनी नौकरी के दौरान करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

BMSICL के डीजीएम के खिलाफ दर्ज हुई FIR

जानकारी के अनुसार बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के डीजीएम (प्रोजेक्ट) पंकज कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद विशेष अदालत के आदेश पर उनके पटना स्थित आवास और कार्यालय में एक साथ छापेमारी की जा रही है। निगरानी विभाग की टीम अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चला रही है।

96 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति का खुलासा

विशेष निगरानी इकाई द्वारा जारी जानकारी के अनुसार पंकज कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC Act 1988) के तहत कांड संख्या 10/2026 दर्ज किया गया है। जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने अपनी करीब 11 साल की सेवा अवधि में पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग 96,46,666 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। बताया जा रहा है कि यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से कहीं अधिक है, जिसके कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पटना में कई ठिकानों पर एक साथ रेड

गुरुवार सुबह विशेष न्यायाधीश (निगरानी) पटना द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर SVU की टीमों ने कार्रवाई शुरू की। टीमों ने एक साथ पंकज कुमार के पटना स्थित घर और कार्यालय परिसरों में छापेमारी की। इस दौरान दस्तावेज, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

जांच में और खुलासे की संभावना

निगरानी विभाग की टीम फिलहाल सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अवैध संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ने की संभावना भी है। राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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