अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की बिगड़ी तबीयत, 9 किलो से ज्यादा वजन घटा, डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी

BiharNewsAuthor
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BNT Desk: लद्दाख के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है। वे पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अनशन शुरू होने के बाद से उनका 9 किलो से ज्यादा वजन कम हो चुका है। उनकी गिरती सेहत को देखते हुए डॉक्टरों ने गंभीर चिंता जताई है।

 

डॉक्टरों ने दी बड़ा खतरा होने की चेतावनी

डॉक्टरों का कहना है कि अगर अनशन इसी तरह जारी रहा तो जल्द ही उनकी स्थिति एक ऐसे चरण में पहुंच सकती है, जहां शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगेंगे। विशेषज्ञों के मुताबिक, लंबे समय तक भोजन नहीं मिलने पर शरीर की ऊर्जा खत्म होने लगती है और अंगों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।

 

 हर पल हो रही है मेडिकल निगरानी

मेडिकल टीम लगातार सोनम वांगचुक की जांच कर रही है। उनके वजन, ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन और शरीर में पानी की मात्रा पर नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर उनकी हालत और बिगड़ती है तो तुरंत इलाज की जरूरत पड़ सकती है।

 

 क्यों कर रहे हैं भूख हड़ताल?

सोनम वांगचुक लद्दाख से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लद्दाख के लोगों के अधिकार, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इन्हीं मांगों को लेकर उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है।

 

समर्थकों का बढ़ रहा है समर्थन

उनके आंदोलन को लद्दाख के कई सामाजिक संगठनों, छात्रों और स्थानीय लोगों का समर्थन मिल रहा है। कई जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जा रहे हैं। समर्थक सरकार से बातचीत कर जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी सेहत को और नुकसान न पहुंचे।

 

लंबे उपवास से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक भोजन नहीं करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। शरीर पहले जमा ऊर्जा का इस्तेमाल करता है, लेकिन बाद में मांसपेशियां टूटने लगती हैं। इससे किडनी, लिवर और दिल जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर भी बुरा असर पड़ सकता है।

 

सोशल मीडिया पर बढ़ी चिंता

सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर सोशल Media पर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है। बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई लोगों ने सरकार और आंदोलनकारियों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।

 

आने वाले दिन होंगे बेहद अहम

फिलहाल डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। अगर अनशन जल्द खत्म नहीं हुआ तो उनकी सेहत और गंभीर हो सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलन के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।

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