BNT Desk: बिहार के बेगूसराय जिले के चकिया थाना क्षेत्र में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने कानून-व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। एक महिला के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म और उसके बाद की गई अमानवीय बर्बरता ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता के अनुसार, घटना 11 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे हुई। जब वह शौचालय के लिए बाहर गई थी, तभी गांव के ही रामू महतो, सूरज महतो, नीतिश महतो और दो अन्य अज्ञात लोगों ने उसे पकड़ लिया और सामूहिक दुष्कर्म किया। 13 जून को पीड़िता ने चकिया थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने FIR (धारा 70(1) BNS) दर्ज की।
अमानवीय बर्बरता का खुलासा
मामला तब और गंभीर हो गया जब 17 जून को पीड़िता ने पेट में तेज दर्द की शिकायत की। दोबारा मेडिकल जांच और अल्ट्रासाउंड में जो सामने आया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया—महिला के निजी अंगों में कारतूस, कंकड़ और लकड़ी के टुकड़े मिले। इस घटना के बाद बेगूसराय के सिविल सर्जन ने मामले की गहन जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
पुलिस की कार्रवाई और लापरवाही
इस मामले में पुलिस की भूमिका पर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे।
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थाना प्रभारी निलंबित: मामले में लापरवाही बरतने और कार्रवाई में देरी के कारण बेगूसराय-खगड़िया रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा ने चकिया थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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SIT का गठन: अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। बेगूसराय के एसपी मनीष कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
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न्यायिक बयान: पीड़िता का बयान न्यायिक दंडाधिकारी (Judicial Magistrate) के समक्ष दर्ज करा लिया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस इस मामले के हर पहलू को देख रही है। एसपी मनीष कुमार के अनुसार, पीड़िता का पहले भी आरोपियों के साथ विवाद और मारपीट का पुराना इतिहास रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उस पुरानी शिकायत पर समय रहते कार्रवाई हुई होती, तो इस भयावह घटना को टाला जा सकता था?
सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस घटना ने महिला सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस की संवेदनशीलता पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। हालांकि अब वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दे रहे हैं, लेकिन स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। हर किसी की नजरें अब मेडिकल रिपोर्ट और दोषियों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।