औरंगाबाद: बेटे की बारात निकलने से पहले पिता को मारी गोली, शादी रोकने के लिए मिल रही थी धमकी

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BNT Desk: बिहार के औरंगाबाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने खुशियों भरे घर को मातम और दहशत में बदल दिया। सोमवार को जहाँ एक घर में शहनाइयां बजनी थीं और बारात पटना के लिए रवाना होनी थी, वहाँ अपराधियों ने दूल्हे के पिता को गोली मारकर लहूलुहान कर दिया। घटना कुटुंबा थाना क्षेत्र के अंबा-नबीनगर रोड पर रसोईया गांव के पास की है। इस हमले के पीछे ‘शादी रोकने’ की बड़ी साजिश और पुरानी धमकी की बात सामने आ रही है।

बारात की तैयारी और अचानक हमला

घायल व्यक्ति की पहचान कुटुंबा थाना क्षेत्र के चिंतावन बिगहा निवासी सुनील कुमार पांडेय उर्फ अरुण पांडेय (49) के रूप में हुई है। सुनील पांडेय पटना में लैब का व्यवसाय करते हैं। उनके बेटे राम बाबू (रामकुमार पांडेय) की शादी पटना जिले के विक्रम थाना अंतर्गत बलियारी गांव में तय हुई थी।

20 अप्रैल को तिलक का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था और आज, 27 अप्रैल को बारात पटना के लिए निकलने वाली थी। सोमवार दोपहर सुनील पांडेय अपने भाई प्रमोद पांडेय के साथ स्कूटी से बाजार गए थे ताकि दूल्हे का सेहरा और शादी का अन्य जरूरी सामान खरीद सकें। वापसी के दौरान, दधपा और रसोईया गांव के बीच एक कार सवार अपराधियों ने उन्हें ओवरटेक कर रोका और फायरिंग कर दी।

नाक के पास लगी गोली, हालत गंभीर

अपराधियों ने सुनील पांडेय को निशाना बनाकर गोली चलाई, जो उनके नाक के पास जाकर लगी। गोली लगने के बाद वे वहीं गिर पड़े, जबकि अपराधी मौके से फरार हो गए। उन्हें तुरंत औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

“शादी मत करो” – मोबाइल पर मिली थी धमकी

अस्पताल में दर्द से जूझ रहे सुनील पांडेय ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें एक अज्ञात नंबर से लगातार धमकियां मिल रही थीं। फोन करने वाला व्यक्ति बार-बार कह रहा था कि “अपने बेटे की शादी उस लड़की से मत करो।” सुनील पांडेय ने इन धमकियों को उतनी गंभीरता से नहीं लिया था और शादी की तैयारियों में जुटे रहे। उन्हें अंदेशा है कि यह हमला उसी धमकी का परिणाम है और हमलावरों का लड़की पक्ष या किसी रंजिश से संबंध हो सकता है। हालांकि, उन्होंने और उनके भाई ने अपराधियों को पहचानने से इनकार किया है।

पुलिस का एक्शन और जांच के बिंदु

घटना की सूचना मिलते ही औरंगाबाद सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) संजय कुमार पांडे और कुटुंबा थाना की टीम मौके पर पहुँची। पुलिस मामले की जांच दो प्रमुख एंगल से कर रही है:

  1. धमकी वाला एंगल: पुलिस उस मोबाइल नंबर को ट्रेस कर रही है जिससे सुनील पांडेय को धमकियां मिल रही थीं। पुलिस का मानना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से बड़े सुराग मिल सकते हैं।

  2. विवाद का एंगल: शुरुआती जांच में कुछ लोगों ने सड़क पर टक्कर के बाद हुए विवाद की बात भी कही है, लेकिन पीड़ित के बयान के बाद पुलिस रंजिश को ही मुख्य कड़ी मान रही है।

स्थगित हुई बारात, गांव में पसरा सन्नाटा

इस खूनी वारदात के बाद शादी की खुशियां काफूर हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को जो बारात पटना जाने वाली थी, उसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दूल्हा और परिवार के अन्य सदस्य सदमे में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अपराधी इतने बेखौफ हैं कि उन्होंने दिन-दहाड़े और मुख्य सड़क पर इस घटना को अंजाम दिया।

बिहार में शादी के सीजन के दौरान इस तरह की वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अब देखना यह है कि इस ‘शादी रोकने’ की साजिश के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

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