BNT Desk: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को इतिहास रचा गया। भारतीय क्रिकेट टीम ने एकतरफा मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पूरे देश में जश्न का माहौल है और टीम इंडिया ने एक बार फिर दुनिया में अपनी बादशाहत साबित कर दी है।
बल्लेबाजों का तूफान: खड़ा किया रनों का पहाड़
फाइनल मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने कीवी गेंदबाजों की जमकर खबर ली और निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 255 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। फाइनल जैसे बड़े मैच में इतना बड़ा स्कोर बनाना न्यूजीलैंड के लिए एक मनोवैज्ञानिक दबाव बन गया। भारतीय पारी में आक्रामक बल्लेबाजी और शानदार पार्टनरशिप ने जीत की नींव रख दी थी।
न्यूजीलैंड की पारी: ताश के पत्तों की तरह बिखरी टीम
256 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों की धारदार गेंदबाजी के सामने कीवी बल्लेबाज टिक नहीं सके। न्यूजीलैंड की पूरी टीम महज 159 रनों पर ढेर हो गई। भारत के तेज गेंदबाजों और स्पिनर्स ने मिलकर न्यूजीलैंड के मध्यक्रम को संभलने का मौका ही नहीं दिया। दबाव में न्यूजीलैंड के विकेट लगातार अंतराल पर गिरते रहे और अंततः भारत ने यह मैच 96 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया।
तीसरी बार विश्व विजेता बना भारत
यह भारत का तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में यह गौरव हासिल किया था। 2026 की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि यह घरेलू मैदान पर मिली है। कप्तान और पूरी टीम की मेहनत ने करोड़ों भारतीयों का सपना सच कर दिया है। मैच खत्म होते ही मैदान से लेकर सड़कों तक तिरंगा लहराने लगा और फैंस जीत के गानों पर झूमते नजर आए।