BNT Desk: मुकेश अंबानी की कंपनी Jio Platforms के ₹30,213 करोड़ के IPO ने भारतीय शेयर बाजार में नया रिकॉर्ड बनाया है। 21 अक्टूबर 2026 को खुला यह IPO महज 100 मिनट में पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इस इश्यू को सबसे तेज रफ्तार से सब्सक्रिप्शन मिलने की प्रमुख वजह संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग बताई जा रही है। इसके साथ ही Jio Platforms ने 2024 में आए Hyundai Motor India के ₹27,870 करोड़ के IPO को पीछे छोड़ते हुए भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
100 मिनट में पूरा सब्सक्राइब हुआ Jio Platforms IPO
Jio Platforms के IPO को खुलने के कुछ ही समय बाद निवेशकों की ओर से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Qualified Institutional Buyers (QIBs) के लिए आरक्षित हिस्सा शुरुआती 10 मिनट में ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। इसके बाद संस्थागत निवेशकों की ओर से बोली लगाने का सिलसिला तेजी से बढ़ा।दोपहर 12:33 बजे तक IPO को 19.75 करोड़ उपलब्ध शेयरों के मुकाबले 28.31 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं। इस तरह इश्यू कुल मिलाकर 1.43 गुना सब्सक्राइब हो गया था।
हालांकि, खुदरा निवेशकों की भागीदारी संस्थागत निवेशकों की तुलना में धीमी रही। IPO की अंतिम सब्सक्रिप्शन स्थिति इश्यू बंद होने के बाद स्पष्ट होगी।
Hyundai Motor India का रिकॉर्ड टूटा
Jio Platforms का ₹30,213 करोड़ का IPO भारतीय बाजार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन गया है। इससे पहले Hyundai Motor India का ₹27,870 करोड़ का IPO देश का सबसे बड़ा IPO था, जो 2024 में आया था।jio Platforms के इश्यू का आकार इस पुराने रिकॉर्ड से अधिक है। इतनी बड़ी राशि के बावजूद शुरुआती समय में IPO का पूरी तरह सब्सक्राइब हो जाना बाजार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
Jio IPO का प्राइस बैंड और वैल्यूएशन
Jio Platforms ने अपने IPO के लिए प्रति शेयर ₹1,065 से ₹1,119 का प्राइस बैंड तय किया है। यह सार्वजनिक निर्गम 21 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा।प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब ₹10.3 लाख करोड़, यानी लगभग 108 अरब डॉलर बताया गया है।निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि IPO का तेजी से सब्सक्राइब होना या कंपनी का बड़ा मूल्यांकन अपने आप में शेयर से मिलने वाले भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। निवेश का फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों को ध्यान में रखकर करना चाहिए।
IPO खुलने से पहले भी मिला था बड़ा निवेश
Jio Platforms को IPO खुलने से पहले ही बड़े निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली थी। 19 अक्टूबर को कंपनी ने 212 एंकर निवेशकों से करीब ₹8,110 करोड़ जुटाए थे।इन निवेशकों में BlackRock, JPMorgan और Fidelity जैसी बड़ी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के नाम शामिल बताए गए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से करीब ₹2.5 लाख करोड़ की बोलियां मिली थीं, जो उपलब्ध एंकर हिस्से के मुकाबले 30 गुना से अधिक थीं।एंकर निवेशक वे बड़े संस्थागत निवेशक होते हैं, जिन्हें IPO के सार्वजनिक रूप से खुलने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत शेयर आवंटित किए जाते हैं। उनकी भागीदारी से बाजार में किसी इश्यू को लेकर शुरुआती मांग का संकेत मिल सकता है, हालांकि इससे भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती।
IPO से जुटाए पैसे का क्या करेगी कंपनी?
इस IPO की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें पूरी तरह नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। यानी मौजूदा शेयरधारकों की ओर से अपनी हिस्सेदारी बेचने के बजाय कंपनी नए शेयर जारी करके पूंजी जुटा रही है।कंपनी की योजना के मुताबिक, IPO से मिलने वाली राशि में से करीब ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या समय से पहले कर्ज का भुगतान करने के लिए किया जाएगा। शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च की जा सकती है।कर्ज चुकाने के लिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय स्थिति और भविष्य की निवेश योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव कंपनी के कुल कर्ज, नकदी प्रवाह और भविष्य के कारोबार पर निर्भर करेगा।
निवेशकों की नजर अब 23 अक्टूबर पर
Jio Platforms का IPO 23 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा। शुरुआती आंकड़ों में संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग दिखाई दी है, जबकि खुदरा निवेशकों की भागीदारी तुलनात्मक रूप से धीमी रही।अब निवेशकों की नजर अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़ों, शेयर आवंटन और लिस्टिंग से जुड़े अगले चरणों पर रहेगी। IPO का बड़ा आकार और शुरुआती मांग इसे भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल करते हैं।