BNT Desk: बिहार में बाढ़ के बिगड़ते हालात के बीच अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला है। संजय झा ने तेजस्वी यादव को ‘NRI नेता’ बताते हुए आरोप लगाया कि जब बिहार में किसी तरह की आपदा आती है, तब वह राज्य में दिखाई नहीं देते। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की जनता और यहां की समस्याओं से कोई खास मतलब नहीं है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों का संजय झा ने लिया जायजा
संजय झा ने बिहार में बाढ़ की मौजूदा स्थिति को लेकर कहा कि वह खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर चुके हैं और जमीन पर हालात को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार बाढ़ की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा ले चुके हैं और हवाई सर्वेक्षण के जरिए भी हालात को समझने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नेपाल में हुई भारी बारिश के बाद बड़ी मात्रा में पानी बिहार की नदियों में पहुंचा है। इसके कारण कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने से प्रशासन को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
2016 की बाढ़ से भी ज्यादा बढ़ सकता है जलस्तर
संजय झा ने बाढ़ की गंभीरता को लेकर 2016 में पटना में आई भीषण बाढ़ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय जिस स्तर तक पानी पहुंचा था, इस बार जलस्तर उसके मुकाबले भी ऊपर जाने की आशंका बनी हुई है। हालांकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सरकार की ओर से जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हैं। नदियों के जलस्तर, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को भी जरूरत के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर राहत और सहायता पहुंचाई जा सके।
तेजस्वी के सवालों पर संजय झा का पलटवार
बाढ़ को लेकर तेजस्वी यादव की ओर से सरकार पर सवाल उठाए जाने पर संजय झा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने पुराने कार्यकाल और उस दौरान आपदा प्रबंधन की स्थिति को भी देखना चाहिए। संजय झा ने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव के समय आपदा प्रबंधन को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठे थे। इसी दौरान उन्होंने पटना के तत्कालीन जिलाधिकारी के जेल जाने के मामले का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि जिन लोगों के कार्यकाल में आपदा प्रबंधन को लेकर सवाल उठ चुके हैं, उन्हें मौजूदा सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।
‘आपदा के समय बिहार में नहीं रहते तेजस्वी’
संजय झा ने तेजस्वी यादव पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि जब बिहार में संकट की स्थिति बनती है, तब नेता प्रतिपक्ष राज्य में मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने इसी आधार पर उन्हें ‘NRI नेता’ करार दिया। संजय झा का आरोप है कि तेजस्वी यादव केवल राजनीतिक बयान देने के लिए बिहार की समस्याओं का मुद्दा उठाते हैं, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों के बीच उनकी मौजूदगी नजर नहीं आती। उन्होंने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा के समय राजनीति करने के बजाय सभी राजनीतिक दलों को प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। सरकार और प्रशासन अपनी तरफ से काम कर रहे हैं और विपक्ष को भी इस समय सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए।
राजद पर भी साधा निशाना
संजय झा ने इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि एनडीए में आने के बाद से लगातार दो वर्षों में राजद की राजनीतिक स्थिति कमजोर हुई है। उनके मुताबिक, राजद को अब अपनी स्थिति पर विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को सरकार पर लगातार सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल और अपनी पार्टी की मौजूदा स्थिति पर भी गौर करना चाहिए। संजय झा ने आरोप लगाया कि राजद बाढ़ जैसे गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ा दी गई है। नेपाल से आने वाले पानी के कारण नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। ऐसे में आने वाले दिनों में जलस्तर और मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है। वहीं, बाढ़ के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी से बिहार की सियासत भी गरमा गई है।