BNT Desk: पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) के जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है। स्वास्थ्य विभाग के साथ हुई सकारात्मक बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया। हड़ताल खत्म होने से अस्पताल में इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं फिर से सामान्य होने की उम्मीद है। PMCH जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने कहा कि मरीजों के हित और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दिया कार्रवाई का भरोसा
जूनियर डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में डॉक्टरों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने कई मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। विभाग ने कहा कि डॉक्टरों की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।
स्टाइपेंड और वेतन संशोधन का प्रस्ताव जल्द जाएगा
बैठक में यह तय हुआ कि पीजी रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन संशोधन से जुड़ा प्रस्ताव इसी सप्ताह वित्त विभाग को भेज दिया जाएगा। डॉक्टर लंबे समय से स्टाइपेंड और वेतन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। अब इस दिशा में प्रक्रिया शुरू होने से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है।
अन्य मांगों पर एक महीने में कार्रवाई
स्टाइपेंड और वेतन के अलावा डॉक्टरों ने अस्पताल से जुड़ी कई प्रशासनिक और संस्थागत मांगें भी रखी थीं। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिया है कि इन मांगों के समाधान के लिए अगले एक महीने के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कहा कि सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री के साथ होगी बैठक
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बताया कि जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री के साथ भी बैठक होगी। इस बैठक में लंबित मुद्दों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। डॉक्टरों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद उनकी बाकी मांगों पर भी सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
मरीजों को मिलेगी राहत
हड़ताल खत्म होने के बाद अब PMCH में ओपीडी, इमरजेंसी और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से हड़ताल के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब डॉक्टरों के काम पर लौटने से इलाज की व्यवस्था पहले की तरह सुचारु होने की संभावना है।
JDA ने क्या कहा?
PMCH जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि उनका उद्देश्य मरीजों को परेशानी देना नहीं था। डॉक्टर अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। एसोसिएशन ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलने और मरीजों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हड़ताल तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला लिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि स्वास्थ्य विभाग अपने वादों को तय समय पर कितना पूरा करता है।