BNT Desk: पटना के चर्चित टेंडर घोटाले की जाँच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी रिशु श्री से हुई पूछताछ के बाद मिली अहम जानकारियों के आधार पर विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
तीन ठिकानों पर SVU की दबिश
आज सुबह से ही राजधानी पटना के तीन अलग-अलग स्थानों पर SVU की टीम ने एक साथ छापेमारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान मुख्य रूप से उन लोगों के ठिकानों पर केंद्रित है, जिनके नाम इस घोटाले में सामने आए हैं:
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उगेश सागर: निलंबित आईएएस अधिकारी।
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अभिलाषा कुमारी: निलंबित अधिकारी।
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पवन कुमार: M/s Matriswa Infra Pvt. Ltd. के निदेशक।
संदिग्ध फरार, जाँच जारी
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान एजेंसी को कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है। हालाँकि, इस समय उगेश सागर, अभिलाषा कुमारी और पवन कुमार तीनों ही फरार बताए जा रहे हैं। SVU की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
क्या है SVU का मुख्य उद्देश्य?
छापेमारी के दौरान टीम का मुख्य ध्यान निम्नलिखित बिंदुओं पर है:
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दस्तावेजों की बरामदगी: घोटाले से जुड़ी फाइलों और आधिकारिक दस्तावेजों को खंगालना।
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वित्तीय लेन-देन: बैंक खातों और अवैध निवेशों की गहन जाँच करना।
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डिजिटल साक्ष्य: हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य तकनीकी उपकरणों के जरिए सबूत जुटाना।
आगे क्या?
जाँच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि छापेमारी में मिलने वाले साक्ष्य इस पूरे घोटाले की परतें खोलने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस मामले में आने वाले दिनों में और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं और गिरफ्तारियों का सिलसिला तेज हो सकता है।