BNT Desk: पटना के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, गांधी मैदान थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात जमकर हंगामा हुआ। एक कार द्वारा युवक को टक्कर मारने के बाद भड़की भीड़ ने कार सवार की न केवल बुरी तरह पिटाई कर दी, बल्कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी निशाना बनाया। इस घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
राजधानी पटना की सुरक्षा व्यवस्था उस समय सवालों के घेरे में आ गई जब गांधी मैदान जैसे अति संवेदनशील इलाके में कानून को हाथ में लेते हुए भीड़ ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे एक युवक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना को देखते ही वहां मौजूद स्थानीय लोगों और राहगीरों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। आक्रोशित भीड़ ने तुरंत कार को चारों तरफ से घेर लिया और कार चला रहे व्यक्ति को बाहर खींचकर उसकी जमकर पिटाई कर दी।
कार में तोड़फोड़ और पुलिस पर हमला
मारपीट की घटना के बाद माहौल और ज्यादा बिगड़ गया। उग्र भीड़ ने सड़क किनारे खड़ी कार में भी तोड़फोड़ शुरू कर दी और गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। इस बीच सूचना मिलने पर गांधी मैदान थाने की पुलिस आनन-फानन में मौके पर पहुंची। पुलिस का मुख्य उद्देश्य घायल चालक को भीड़ के चंगुल से बचाना था।
हालांकि, स्थिति इतनी भयावह थी कि उग्र भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी की भी परवाह नहीं की। जब पुलिसकर्मियों ने चालक को बचाने की कोशिश की, तो भीड़ ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और अफगान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
किसी तरह पुलिस टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच घायल कार चालक को आक्रोशित भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल कार सवार को इलाज के लिए पीएमसीएच (PMCH) में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना में घायल हुए युवक की स्थिति के बारे में अभी और जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
गांधी मैदान थाना पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि उन उपद्रवी तत्वों की पहचान की जा सके, जिन्होंने पुलिस के साथ हाथापाई की और सरकारी काम में बाधा डाली।
एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क दुर्घटना मामले में कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की जाएगी, न कि सरेआम भीड़तंत्र के जरिए।
सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम
गांधी मैदान क्षेत्र शहर का दिल है, जहां रात के समय भी आवाजाही बनी रहती है। इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती हैं। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय चालक नशे में था या नहीं।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है। साथ ही, किसी भी घटना के बाद स्वतः न्याय करने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया गया है। आने वाले दिनों में गांधी मैदान के आसपास पुलिस गश्त को और अधिक बढ़ाए जाने की उम्मीद है ताकि ऐसी घटनाओं को पुनरावृत्ति न हो।