BNT Desk: बिहार में शासन-प्रशासन की व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से अपनी सेवाओं के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान दे रहे इन 14 अधिकारियों को उनकी मेहनत और अनुभव का फल मिला है।
2025 की चयन सूची के आधार पर मिली प्रोन्नति
कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय द्वारा जारी निर्णय के अनुसार, इन अधिकारियों को वर्ष 2025 की चयन सूची के आधार पर आईएएस कैडर आवंटित किया गया है। प्रोन्नति के बाद अब ये अधिकारी केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन और नीति-निर्माण में और भी बड़े उत्तरदायित्वों का निर्वहन करेंगे।
कौन हैं वे 14 अधिकारी?
इन अधिकारियों ने राज्य सेवा में रहते हुए विभिन्न विभागों में अपनी दक्षता साबित की है। आईएएस बनने वाले अधिकारियों की सूची इस प्रकार है:
2016 बैच के प्रोन्नत अधिकारी:
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मृणायक दास: अपर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, पटना।
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मनोरंजन कुमार: निदेशक (प्रशासन), शिक्षा विभाग, पटना।
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विकास कुमार: अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (अतिरिक्त प्रभार: सचिव, बिहार युवा आयोग)।
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डॉ. गगन: प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भंडार निगम, पटना।
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अंजनी कुमार: उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद, पूर्णिया।
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मो. इज्तबा हुसैन: संयुक्त सचिव, सांख्यिक वित्त शाखा, वित्त विभाग।
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रजनीश: अपर सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, पटना।
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विद्यु भूषण चौधरी: संयुक्त सचिव, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग।
2017 बैच के प्रोन्नत अधिकारी:
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मो. वसीम अहमद: विशेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग।
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कृत्यानंद रंजन: संयुक्त सचिव, परिवहन विभाग, पटना।
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मो. राशिद आलम: जिला पंचायती राज पदाधिकारी, पटना।
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इबरार अहमद खां: सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग।
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मनोज कुमार: संयुक्त सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग।
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हेमंत सिंह: अपर सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग।
प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि इन अधिकारियों के आईएएस में प्रोन्नत होने से जिलों और सचिवालय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। चूँकि ये सभी अधिकारी पिछले कई वर्षों से बिहार सरकार के अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, इसलिए उन्हें राज्य की कार्य-संस्कृति और चुनौतियों का गहन अनुभव है।
आईएएस में शामिल होने के बाद, इन अधिकारियों को अब जिलों में जिलाधिकारी (DM) या अन्य बड़े पदों पर तैनाती मिलने की राह आसान हो जाएगी, जिससे जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक बेहतर तरीके से पहुँच सकेगा।
विकास कार्यों को मिलेगी नई गति
बिहार वर्तमान में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रहा है। इन 14 अधिकारियों की प्रशासनिक क्षमता का उपयोग अब नई नीतियों को अमलीजामा पहनाने में किया जाएगा। विशेषकर पूर्णिया जैसे क्षेत्रों में कार्यरत रहे अधिकारियों को जिले के प्रबंधन का सीधा अनुभव है, जो भविष्य में उनके प्रशासनिक करियर में मील का पत्थर साबित होगा।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने इन सभी अधिकारियों को जल्द ही अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। इस प्रोन्नति ने न केवल इन अधिकारियों के मनोबल को बढ़ाया है, बल्कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अन्य अधिकारियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है।