BNT Desk: बिहार के राजनीति और सियासी गलियारों से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है. मोकामा के पूर्व विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह को गोपालगंज की एक अदालत से बहुत बड़ी राहत मिली है. गोपालगंज के विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट (MP-MLA Court) ने वायरल वीडियो मामले में सुनवाई करते हुए अनंत सिंह की अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका को स्वीकार कर लिया है.
अदालत ने तकनीकी पहलुओं और पुलिस की कमियों को देखते हुए अनंत सिंह सहित सभी नामजद आरोपियों को नियमित जमानत दे दी है. हालांकि, कोर्ट ने राहत देने के साथ ही एक शर्त भी रखी है, जिसके तहत अभियुक्तों को वेलफेयर फंड में 10-10 हजार रुपये की राशि जमा करानी होगी.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद करीब डेढ़ महीना पुराना है, जो एक सोशल मीडिया वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ था. घटनाक्रम कुछ इस प्रकार है:
1. सेमराव गांव का कार्यक्रम
बीते 2 और 3 मई को गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेमराव गांव में एक उपनयन (जनेऊ) संस्कार का कार्यक्रम आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम स्थानीय निवासी गुड्डू राय के आवास पर रखा गया था, जिसमें शामिल होने के लिए मोकामा के नेता अनंत सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंचे थे. इस भव्य आयोजन में हजारों अन्य लोग भी मौजूद थे.
2. सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो वीडियो
कार्यक्रम के संपन्न होने के अगले दिन, यानी 4 मई को सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो तेजी से वायरल होने लगे.
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पहला वीडियो: इस वीडियो में अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ बैठकर कथित तौर पर एक अश्लील डांस (बार बालाओं का नृत्य) देख रहे थे.
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दूसरा वीडियो: इस दूसरे वीडियो में कुछ लोग अपने हाथों में आधुनिक हथियार (राइफल) लेकर डांस करते हुए और हथियारों का प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहे थे.
अनंत सिंह समेत 7 लोगों पर FIR
इन दोनों वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोपालगंज पुलिस तुरंत हरकत में आई. मीरगंज थाने में तैनात साइबर सेल के पुलिस अवर निरीक्षक (Sub-Inspector) के बयान पर इस मामले में एक एफआईआर (FIR) दर्ज की गई.
पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह, भोजपुरी के मशहूर सिंगर गुंजन सिंह और गुड्डू राय समेत कुल सात लोगों को नामजद आरोपी बनाया. इसके साथ ही गोपालगंज पुलिस प्रशासन ने मीरगंज थाना पुलिस को वीडियो में दिख रहे हथियारों की पहचान करने और उनके भौतिक सत्यापन (Verification) का सख्त निर्देश दिया था.
गिरफ्तारी की लटक रही थी तलवार
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही अनंत सिंह के ऊपर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी. पुलिस किसी भी समय उन्हें गिरफ्तार कर सकती थी. इस संकट से बचने के लिए अनंत सिंह के वकीलों ने गोपालगंज के एडीजे-3 सह विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की.
शुरुआती सुनवाई में कोर्ट ने उन्हें तुरंत अग्रिम जमानत तो नहीं दी थी, लेकिन राहत देते हुए अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी. इसके बाद आज (सोमवार) इस मामले पर अदालत में अंतिम बहस और सुनवाई हुई.
कोर्ट में बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान अनंत सिंह के वरिष्ठ वकील कुमार हर्षवर्धन ने अदालत के सामने कई मजबूत दलीलें पेश कीं, जिसने पूरे केस का रुख बदल दिया. बचाव पक्ष के वकील ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें कोर्ट के सामने रखीं:
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वीडियो को मर्ज करने का आरोप: वकील ने दलील दी कि पुलिस ने दो अलग-अलग वीडियो को आपस में जोड़कर (Merge करके) एक वीडियो बनाया और उसे ही एफआईआर का आधार बना दिया.
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एआई (AI) का इस्तेमाल: कोर्ट को बताया गया कि वीडियो को ध्यान से देखने पर साफ पता चलता है कि यह पूरी तरह से एआई जनरेटेड (Artificial Intelligence द्वारा निर्मित) या एडिटेड वीडियो है, जिसे उनके मुवक्किल को फंसाने के लिए बनाया गया था.
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हथियार की बरामदगी नहीं: घटना के डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस छापेमारी में कोई भी कथित हथियार बरामद नहीं कर पाई है.
पुलिस की बड़ी लापरवाही
अदालत में पुलिस की एक बहुत बड़ी लापरवाही भी सामने आई, जिसका सीधा फायदा आरोपियों को मिला. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि अनंत सिंह के पास बैठे एक व्यक्ति के हाथ में ‘एके पैटर्न’ (AK-47 जैसी) की प्रतिबंधित ऑटोमैटिक राइफल है. पुलिस ने अपनी एफआईआर में भी इस बात का विशेष जिक्र किया था.
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना के डेढ़ महीने बाद भी पुलिस इस दावे को साबित करने के लिए एफएसएल (Forensic Science Laboratory) की रिपोर्ट अदालत में जमा नहीं कर सकी. रिपोर्ट न होने के कारण यह वैज्ञानिक रूप से तय नहीं हो पाया कि वीडियो में दिख रहा हथियार सचमुच एके पैटर्न का ही था या कोई नकली/खिलौना हथियार था.
कोर्ट का अंतिम फैसला
वैज्ञानिक साक्ष्यों (FSL Report) की कमी और पुलिस द्वारा हथियार बरामद न किए जाने को आधार मानते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह और भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह समेत सभी नामजद आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका को हरी झंडी दे दी. इस फैसले के बाद अब अनंत सिंह के समर्थकों में खुशी की लहर है और उनकी गिरफ्तारी का खतरा पूरी तरह टल गया है.