BNT Desk: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट-यूजी’ (NEET-UG) की पुनर्परीक्षा को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। आगामी 21 जून को होने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह से कदाचारमुक्त, पारदर्शी और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इस बार पटना जिले में कुल 95 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ 46 हजार 29 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। पिछले दिनों नीट परीक्षा को लेकर हुए विवादों से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा और निगरानी के ऐसे कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं, जिसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा।
DM और SSP की हाई-लेवल मीटिंग
परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पटना के जिलाधिकारी (DM) डॉ. त्यागराजन एसएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय के शर्मा ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग के तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी किए गए एक-एक गाइडलाइन का कड़ाई से पालन किया जाए। अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी भी केंद्र पर कोई गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है, तो वहां के केंद्र अधीक्षक से लेकर दोषी कर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
गड़बड़ी रोकने के लिए परीक्षा के दिन कोचिंग संस्थान रहेंगे बंद
पटना प्रशासन ने इस बार एक बेहद कड़ा और अभूतपूर्व फैसला लिया है। परीक्षा के दिन यानी 21 जून को पटना जिले के अंतर्गत आने वाले सभी निजी कोचिंग संस्थानों को पूरी तरह से बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का मानना है कि परीक्षा के दौरान पेपर लीक, सॉल्वर गैंग या किसी भी तरह की सेटिंग की संभावनाओं को पूरी तरह खत्म करने के लिए कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है। इसके अलावा, परीक्षा केंद्रों के आसपास के इलाकों में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू रहेगी, जिसके तहत केंद्रों के इर्द-गिर्द अनावश्यक भीड़ लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध होगा।
सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी, अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं
नीट परीक्षा को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें, फर्जी प्रश्नपत्र और अफवाहें तैरने लगती हैं, जिससे परीक्षार्थियों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। इस समस्या से निपटने के लिए पटना पुलिस की साइबर सेल को विशेष रूप से एक्टिव किया गया है। प्रशासन ने बताया कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दिन सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स (जैसे- व्हाट्सएप, टेलीग्राम, फेसबुक, एक्स आदि) की 24 घंटे लगातार निगरानी की जाएगी। यदि कोई भी व्यक्ति या ग्रुप परीक्षा से जुड़ी कोई अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाता हुआ पाया गया, तो उसकी पहचान कर आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षार्थियों के लिए राहत: जिला प्रशासन देगा मुफ्त बस सेवा
जहाँ एक तरफ प्रशासन परीक्षा को लेकर बेहद सख्त है, वहीं दूसरी तरफ दूर-दराज से आने वाले परीक्षार्थियों की सहूलियत का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। परीक्षा के दिन छात्रों को अपने सेंटर्स तक पहुँचने में कोई परेशानी न हो और सड़कों पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा मुफ्त बस सेवा (Free Bus Service) उपलब्ध कराई जाएगी। ये बसें पटना के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुख्य चौराहों से परीक्षा केंद्रों के रूट पर चलेंगी, ताकि छात्र समय पर और बिना किसी तनाव के अपने परीक्षा केंद्र तक पहुँच सकें।
पटना जिला प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि इस बार नीट पुनर्परीक्षा को एक मिसाल के रूप में पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और सुविधायुक्त माहौल में संपन्न कराया जाएगा, ताकि योग्य छात्रों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।