पटना: खान सर को बड़ी राहत, पटना सिविल कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक; जानें कोर्ट में क्या हुआ

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BNT Desk: बिहार के सुप्रसिद्ध और देश भर में चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ ‘खान सर’ को पटना सिविल कोर्ट से एक बहुत बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम सुरक्षा (Interim Protection) प्रदान की है। इसका सीधा मतलब यह है कि अदालत के अगले आदेश तक पुलिस खान सर को गिरफ्तार नहीं कर सकती है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि उनके खिलाफ कोई भी कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई जोरदार बहस

मंगलवार को पटना सिविल कोर्ट में खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुबह से ही सरगर्मी तेज थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District Judge) के सामने पिछले कुछ समय से इस मामले पर लगातार बहस चल रही थी। खान सर का पक्ष रखने के लिए उनके वकीलों की टीम कोर्ट में मौजूद थी। मुख्य रूप से खान सर के वकील अरविंद कुमार मौआर और शमशाद अली ने अदालत के सामने मजबूत दलीलें पेश कीं। वकीलों ने कोर्ट को बताया कि खान सर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और कानूनन इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं है।

‘No Coercive Action’ का क्या है मतलब?

सुनवाई के बाद अदालत ने खान सर को राहत देते हुए ‘नो कोअर्सिव एक्शन’ (No Coercive Action) का आदेश जारी किया। कानूनी भाषा में इसका अर्थ यह होता है कि जब तक अदालत इस मामले में कोई अगला फैसला या अगली सुनवाई नहीं करती, तब तक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस या कोई भी जांच एजेंसी कोई सख्त, दंडात्मक या दबावपूर्ण कदम नहीं उठा सकती।

मीडिया से बातचीत करते हुए खान सर के वकील शमशाद अली ने इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “कोर्ट के इस आदेश का सीधा मतलब ‘अरेस्टिंग स्टे’ (Arresting Stay) है। अब पुलिस इस मामले में खान सर को गिरफ्तार नहीं कर पाएगी और वह पूरी तरह से मुक्त हैं।”

कोर्ट ने पुलिस से मांगी केस डायरी और क्रिमिनल हिस्ट्री

अदालत ने खान सर को अंतरिम राहत देने के साथ ही मामले की जांच को आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया है। विद्वान मजिस्ट्रेट और जिला जज की अदालत ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की ‘केस डायरी’ और खान सर का ‘आपराधिक इतिहास’ (Criminal History) कोर्ट में पेश करने की मांग की है।

वकीलों के मुताबिक, पुलिस द्वारा केस डायरी और रिपोर्ट कोर्ट में जमा किए जाने के बाद ही खान सर की नियमित जमानत (Regular Bail) पर आगे की विस्तृत सुनवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले की अगली तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन केस डायरी आने के बाद ही अगली तिथि मुकर्रर की जाएगी।

क्या खान सर को खुद कोर्ट में होना पड़ेगा पेश?

फैसले के बाद जब मीडियाकर्मियों ने खान सर के वकील से सवाल किया कि क्या अगली सुनवाई पर खान सर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होना पड़ेगा? तो इसके जवाब में वकील ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा, “अगर खान सर का अपना मन होगा तो वह कोर्ट आ सकते हैं। कानूनन, जब तक अदालत की तरफ से कोई स्पष्ट निर्देश या समन (Direction) जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना बिल्कुल जरूरी नहीं है।”

सह-आरोपियों और गार्ड्स की याचिका पर 10 तारीख को सुनवाई

इस पूरे विवाद में खान सर के अलावा कुछ अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मामले से जुड़े दो अन्य लोग (जो खान सर के गार्ड्स बताए जा रहे हैं) फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उनकी जमानत याचिका पर भी कोर्ट में बातचीत हुई। अदालत ने इन दोनों गार्ड्स की याचिका पर सुनवाई के लिए 10 तारीख (कल) तय की है। कोर्ट ने पुलिस से इन दोनों आरोपियों से संबंधित डायरी और रिपोर्ट भी तलब की है, जिसके बाद ही उनकी हिरासत या जमानत पर फैसला होगा।

वकील राघव कुमार की दलील: “धारा 109 का केस ही नहीं बनता”

इस मामले में एक अन्य आरोपी रौशन आनंद के वकील राघव कुमार ने भी अदालत में पुरजोर बहस की। राघव कुमार ने कोर्ट के सामने दलील देते हुए कहा कि इस मामले में जो धाराएं लगाई गई हैं, वे पूरी तरह से बेअसर हैं। उन्होंने कहा, “इस पूरे विवाद में धारा 109 (उकसाने का आरोप) का कोई केस बनता ही नहीं है। इसके अलावा, इस मामले में जो भी चोटें (Injuries) आई हैं, वे बेहद सामान्य (Simple) श्रेणी की हैं। मामले में लगाए गए लगभग सारे सेक्शंस बेलेबल (जमानती) हैं।”

फिलहाल अदालत ने इस हिस्से को ऑर्डर पर रखा है और वकील राघव कुमार ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में स्थिति और साफ होगी।

खान सर के समर्थकों और छात्रों में खुशी की लहर

खान सर को कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा मिलने की खबर जैसे ही बाहर आई, उनके प्रशंसकों, कोचिंग के छात्रों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। खान सर देश भर में अपने अनोखे और सरल अंदाज में पढ़ाने के तरीके के लिए जाने जाते हैं। इस अदालती राहत के बाद फिलहाल उनके सिर पर मंडरा रहा गिरफ्तारी का खतरा पूरी तरह टल गया है।

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