BNT Desk: बिहार की राजधानी और कोचिंग हब माने जाने वाले पटना से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) की तैयारी कर रही एक छात्रा ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या कर ली है। मंगलवार को हॉस्टल के कमरे में उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और वहां रह रहे अन्य छात्रों के बीच भी मातम का माहौल है।
सचिवालय कॉलोनी के हॉस्टल में मिली लाश
यह पूरी घटना पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सचिवालय कॉलोनी की है। यहाँ स्थित मकान नंबर 2A/26 में ‘राधे कृष्ण हॉस्टल’ संचालित होता है। इसी हॉस्टल के एक कमरे में छात्रा रह कर पढ़ाई करती थी। मंगलवार की सुबह जब छात्रा के कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खुला, तो हॉस्टल प्रबंधन और अन्य सहेलियों को शक हुआ। दरवाजा खटखटाने और आवाज देने पर भी जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो खिड़की से झांककर देखा गया। अंदर का नजारा देखकर सबके होश उड़ गए; छात्रा का शव पंखे के सहारे फंदे से झूल रहा था।
समस्तीपुर की रहने वाली थी मृतका श्रुति
पुलिस की शुरुआती जांच और हॉस्टल के रिकॉर्ड के अनुसार, मृतका की पहचान श्रुति कुमारी के रूप में हुई है। श्रुति मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले की रहने वाली थी। वह डॉक्टर बनने का सपना लेकर पटना आई थी और साल 2024 से इसी हॉस्टल में रहकर पूरी लगन के साथ नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हॉस्टल के कर्मचारियों के मुताबिक, श्रुति स्वभाव से शांत थी और अपने काम से काम रखती थी।
‘मम्मी-पापा मुझसे बात नहीं करते’— आखिरी रात छलका था दर्द
घटना की पिछली रात यानी सोमवार की रात को सब कुछ सामान्य दिख रहा था। श्रुति ने हॉस्टल के अन्य बच्चों के साथ हमेशा की तरह रात का खाना खाया और अपने कमरे में सोने चली गई। हालांकि, सोने जाने से पहले उसने अपनी एक करीबी दोस्त और हॉस्टल की सहेली से अपने दिल का दर्द साझा किया था।
श्रुति ने बेहद भावुक होकर अपनी दोस्त से कहा था, “मम्मी-पापा अब मुझसे बात नहीं करते हैं।” इस बात से साफ जाहिर होता है कि वह पिछले कुछ समय से किसी गंभीर पारिवारिक तनाव या संवाद की कमी से जूझ रही थी। उसकी सहेली ने तब उसे समझाने की कोशिश भी की थी, लेकिन किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि श्रुति रात में इतना खौफनाक कदम उठा लेगी।
10 दिन पहले ही गांव से लौटी थी पटना
जांच में यह बात भी सामने आई है कि श्रुति कुछ दिनों की छुट्टियां बिताने अपने घर समस्तीपुर गई हुई थी। वह अभी महज 10 दिन पहले ही अपने गांव से वापस पटना के इस हॉस्टल में लौटी थी। गांव से लौटने के बाद से ही उसके व्यवहार में थोड़ा बदलाव देखा गया था। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि क्या गांव में रहने के दौरान परिवार के साथ उसका कोई विवाद हुआ था या पढ़ाई के दबाव को लेकर माता-पिता से कोई अनबन चल रही थी।
मौके पर पहुचीं पुलिस और FSL की टीम
हॉस्टल प्रशासन की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पत्रकार नगर थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंच गई। मामले की संवेदनशीलता और आत्महत्या के कारणों की बारीकी से जांच के लिए एफएसएल (FSL – Forensic Science Laboratory) की स्पेशल टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
FSL की टीम ने कमरे के अंदर से उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स), छात्रा का मोबाइल फोन, उसकी डायरी, किताबें और अन्य जरूरी साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कमरे में घटना के वक्त कोई और तो मौजूद नहीं था। पुलिस ने मृतका के शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NMCH) भेज दिया है।
परिजनों को दी गई सूचना, जांच में जुटी पुलिस
सचिवालय कॉलोनी में हुई इस घटना की जानकारी समस्तीपुर में रह रहे श्रुति के माता-पिता और परिजनों को दे दी गई है। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है और परिजन पटना के लिए रवाना हो चुके हैं।
पत्रकार नगर थाना प्रभारी के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत हो रहा है, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस छात्रा के मोबाइल की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने आखिरी बार किससे और क्या बात की थी। परिजनों के पटना पहुंचने और उनके बयान दर्ज होने के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा।