BNT Desk: बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की नवनियुक्त मंत्री लेसी सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज थीं, जिस पर विराम लगाते हुए मंत्री ने इसे एक सामान्य और सकारात्मक मुलाकात बताया।
मंत्री लेसी सिंह ने कहा, “माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी हमारे नेता हैं। उनसे मुलाकात करना, उनका आशीर्वाद लेना और समय-समय पर उनका मार्गदर्शन प्राप्त करना हमारा मुख्य काम है। उनके नेतृत्व में ही बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और उनके अनुभव से हमें सरकार के कामकाज को बेहतर ढंग से चलाने की प्रेरणा मिलती है।”
राबड़ी आवास खाली करने के राजद के दावों पर कड़ा प्रहार
पिछले कुछ दिनों से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं द्वारा बयानबाजी की जा रही है कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी का सरकारी आवास खाली कराया गया, तो राजद के कई विधायक भी विरोध स्वरूप अपने सरकारी आवास खाली कर देंगे।
विपक्ष के इस आक्रामक रुख और दावों पर पलटवार करते हुए भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने बेहद सख्त लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा, “देखिए, कोई क्या कहता है, इससे सरकार को फर्क नहीं पड़ता। सरकार किसी की मर्जी से नहीं, बल्कि पूरी तरह से संविधान और कानून के दायरे में रहकर चलती है। आवास खाली करने या न करने की बात उन लोगों (राजद नेताओं) की अपनी निजी राय हो सकती है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।”
‘विपक्ष के लिए नियम-कानून और संविधान मायने नहीं रखता’
मंत्री लेसी सिंह ने राजद पर हमला जारी रखते हुए आगे कहा कि विपक्ष के नेताओं की कार्यशैली हमेशा से नियमों की अनदेखी करने वाली रही है। उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि उन लोगों के लिए नियम, कानून, तय प्रक्रिया और देश का संविधान कोई मायने नहीं रखता है। वे हमेशा अपनी सहूलियत के हिसाब से राजनीति करते हैं। लेकिन हमारी सरकार का रुख बिल्कुल साफ है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार पहले भी नियम और कानून के हिसाब से ही चलती थी, और आज की सरकार भी पूरी तरह से इसी के अनुरूप काम कर रही है। किसी के लिए भी नियमों में ढील नहीं दी जाएगी।”
तेज प्रताप यादव के आवास पर मंत्री की दोटूक
पत्रकारों ने जब मंत्री से सीधा सवाल किया कि पूर्व मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव को भी सरकारी आवास मिला हुआ है, तो क्या सरकार उनके आवास को भी खाली कराने की तैयारी कर रही है?
इस सवाल पर मंत्री लेसी सिंह ने मामले को ज्यादा तूल न देते हुए हंसकर टाल दिया। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “अरे छोड़िए ना! आप लोग भी इस मामूली मामले को कहां से कहां लेकर जा रहे हैं। मैंने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सब कुछ नियम और तय प्रक्रिया के तहत ही होता है। विभाग कानून के हिसाब से जो उचित होगा, वही कदम उठाएगा। इसमें किसी भी तरह का राजनीतिक रंग देखने की जरूरत नहीं है।”
जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर बड़ा बयान
आगामी दिनों में जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की होने वाली बैठक को लेकर भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इस बैठक के एजेंडे के बारे में बात करते हुए मंत्री लेसी सिंह ने इसे एक सामान्य और अनिवार्य प्रक्रिया बताया।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा, “जब भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव संपन्न होता है, उसके बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन करना अनिवार्य होता है। यह एक रूटीन (नियमित) सांगठनिक प्रक्रिया है। हालांकि, इस बैठक में पार्टी के भविष्य, संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों को लेकर कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।”
निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी के सवाल पर साधी चुप्पी
इस दौरान सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब पत्रकारों ने जेडीयू के भीतर चल रही सबसे बड़ी चर्चा पर सवाल पूछ लिया। पत्रकारों ने सीधा सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को राजनीति में एंट्री मिलने वाली है? क्या उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा रहा है?
इस बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सवाल पर मंत्री लेसी सिंह ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली। उन्होंने इस सवाल का न तो कोई समर्थन किया और न ही खंडन किया, बल्कि मुस्कुराते हुए आगे बढ़ गईं। इस चुप्पी के बाद राजनीतिक हलकों में निशांत कुमार की भूमिका को लेकर कयासों का दौर और तेज हो गया है।
निष्कर्ष: नियमों के तहत काम करेगा भवन निर्माण विभाग
मंत्री लेसी सिंह के इस पूरे बयान से यह साफ हो गया है कि भवन निर्माण विभाग आने वाले दिनों में सरकारी आवासों के आवंटन और खाली कराने की प्रक्रिया को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। सरकार यह संदेश देना चाहती है कि विपक्ष के दबाव के आगे झुके बिना सभी कार्य कानूनी प्रक्रियाओं के तहत ही पूरे किए जाएंगे, वहीं जेडीयू के सांगठनिक ढांचे में भी बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज है।